Гар маро ба моҳи рӯят меҳр бошад давр нест
گر مرا به ماه رویت مهر باشد دور نیست
Зонкаҳи касро дар ҷаҳон монанди ту манзур нест
زآنکه کس را در جهان مانند تو منظور نیست
То ба кӣ сабрами зи васл хеш фармое бигӯ
تا به کی صبرم ز وصل خویش فرمایی بگو
Беш аз ин сабрами з рӯй хуби ту мақдӯр нест
بیش از این صبرم ز روی خوب تو مقدور نیست
Ошиқон рӯй ту ҳастанд бисёре валек
عاشقان روی تو هستند بسیاری ولیک
Ҳеҷ касро ҳолатӣ чун ҳолат Мансур нест
هیچ کس را حالتی چون حالت منصور نیست
Дар фироқати ҷон ба лаб омад маро дар интизор
در فراقت جان به لب آمد مرا در انتظار
Гар бипурсад ҳоли ин бечораи чандон давр нест
گر بپرسد حال این بیچاره چندان دور نیست
То ба кӣ узр оварад дар додани коми дилам
تا به کی عذر آورد در دادن کام دلم
Гар кунад тақсири ёрами баъд аз ин маъзӯр нест
گر کند تقصیر یارم بعد از این معذور نیست
Ман ба давригар гирифторам бигӯ бо ин табиб
من به دوری گر گرفتارم بگو با این طبیب
Раҳматаши охир чаро бар ҷони ин ранҷур нест
رحمتش آخر چرا بر جان این رنجور نیست
Ман ним танҳо ба ишқи дӯсти машҳури ҷаҳон
من نیم تنها به عشق دوست مشهور جهان
Дар ҷаҳон он кист кандар ишқ ӯ машҳур нест
در جهان آن کیست کاندر عشق او مشهور نیست