Шавқам ба васли дӯсти ниҳоят пазир нест
شوقم به وصل دوست نهایت پذیر نیست
эй дӯст аз висоли ту моро гзир нест
ای دوست از وصال تو ما را گزیر نیست
Хубон рӯзгор бидидам ба чашми хеш
خوبان روزگار بدیدم به چشم خویش
Он беназир дар ду ҷаҳонаш назир нест
آن بی نظیر در دو جهانش نظیر نیست
Гуфтӣ ки дар замир намеоварӣ маро
گفتی که در ضمیر نمیآوری مرا
Моро биҷузи хаёли рахт дар замир нест
ما را بجز خیال رخت در ضمیر نیست
Ҳар чанд офтоб ҷҳонтоб равшанаст
هرچند آفتاب جهانتاب روشنست
Лекин чу моҳи талъати ту мстнир нест
لیکن چو ماه طلعت تو مستنیر نیست
Аз трктози ҳасани ту ҷонои дилӣ ки дид
از ترکتاز حسن تو جانا دلی که دید
Ков дар каманди зулфи сиёҳат асир нест
کاو در کمند زلف سیاهت اسیر نیست
Шоҳон ба ҳоли фақирон назар кунанд
شاهان به حال فقیران نظر کنند
Ту шоҳи рӯзгорӣ ва чун ман фақир нест
تو شاه روزگاری و چون من فقیر نیست
Аз по даромадам зи сари лутфи дасти гир
از پا درآمدم ز سر لطف دست گیر
Чун ҷузи умеди васли тавъам дастгир нест
چون جز امید وصل تواَم دستگیر نیست
Чашмӣ ки дар ҷамоли ту ҳайрон наме шавад
چشمی که در جمال تو حیران نمی شود
Ҳқо ки пеши аҳли бсорт басир нест
حقّا که پیش اهل بصارت بصیر نیست
Бар хоки остони ту сар май наад ҷаҳон
بر خاک آستان تو سر مینهد جهان
Зонши назар ба ҷониби тоҷ ва сарир нест
زآنش نظر به جانب تاج و سریر نیست