Маро ба ғайри сабои пеши дӯст муҳаррам нест

مرا به غیر صبا پیش دوست محرم نیست

Марои анису длорому ёри ҷуз ғам нест

مرا انیس و دلارام و یار جز غم نیست

Бибин чигуна буд ҳоли он дили мискин

ببین چگونه بود حال آن دل مسکین

Ки ҷузи ғамаш ба ҷаҳон дар ғами ту ҳамдам нест

که جز غمش به جهان در غم تو همدم نیست

Сабои ту ҳоли ман хастаи нек май доне

صبا تو حال من خسته نیک می‌دانی

Бигӯ бигӯ банигорам ки ҷузи ту муҳаррам нест

بگو بگو به نگارم که جز تو محرم نیست

Ки дар фироқи ту розӣ шудам ба пайғомӣ

که در فراق تو راضی شدم به پیغامی

Кунун зи пеши ту эй бевафо ва он ҳам нест

کنون ز پیش تو ای بی وفا و آن هم نیست

Дилами зи неши фироқи ту нек маҷрӯҳаст

دلم ز نیش فراق تو نیک مجروحست

Биё ки ҷузи шаби васли ту ҳеҷ марҳам нест

بیا که جز شب وصل تو هیچ مرهم نیست

Биё ки тоқат сабрам бирафту шиддати ҳиҷр

بیا که طاقت صبرم برفت و شدّت هجر

зи ҳади гузашту ҷаҳонро қарор икдм нест

ز حد گذشت و جهان را قرار یک دم نیست

Дамӣ намегузарад бар ман парешони ҳол

دمی نمی‌گذرد بر من پریشان حال

Ки хотирам чу сари зулфи ёр дарҳам нест

که خاطرم چو سر زلف یار در هم نیست

Мабод дарду бало бар қадат назар фармо

مباد درد و بلا بر قدت نظر فرما

Ки ҷузи балои фироқи ту ҳеҷ дардам нест

که جز بلای فراق تو هیچ دردم نیست

Ту сарви боғи биҳиштӣ ва мо чу хок дарат

تو سرو باغ بهشتی و ما چو خاک درت

Аз он ҷиҳати зи ҷаҳони сояи шумо кам нест

از آن جهت ز جهان سایه شما کم نیست