Марои фироқи рухи оннигор мумкин нест

مرا فراق رخ آن نگار ممکن نیست

Висоли он бути симини изор мумкин нест

وصال آن بت سیمین عذار ممکن نیست

Чаҳ ҳолтист надонам миёни варта ӣ ишқ

چه حالتیست ندانم میان ورطهٔ عشق

Шудам ғариқ ва шудани барканор мумкин нест

شدم غریق و شدن برکنار ممکن نیست

Бабради оби рухи оннигор ва дар ғам ӯ

ببرد آب رخ آن نگار و در غم او

Миёни оташи ҳиҷрони қарор мумкин нест

میان آتش هجران قرار ممکن نیست

Ба бӯстони висолаши басии умедам буд

به بوستان وصالش بسی امیدم بود

Кунунам аз гули он васли хор мумкин нест

کنونم از گل آن وصل خار ممکن نیست

Дили заъифи марои ҳолтисти баси мушкил

دل ضعیف مرا حالتیست بس مشکل

Ки мехӯрд ғам ва беғмгсор мумкин нест

که می‌خورد غم و بی غمگسار ممکن نیست

На марди ишқ ту будам вале чаҳ чора кунам

نه مرد عشق تو بودم ولی چه چاره کنم

Ба ишқ рӯй тавъами ихтиёр мумкин нест

به عشق روی تواُم اختیار ممکن نیست

Насиҳати ман бедил кунанд ва ме гӯям

نصیحت من بی دل کنند و می‌گویم

Сар бариданам аз васли ёр мумкин нест

سر بریدنم از وصل یار ممکن نیست

зи оби дида ӣ мо сар ба сар ҷаҳон бигирифт

ز آب دیدهٔ ما سر به سر جهان بگرفت

Ба ғоятӣ ки аз ин сӯи гузор мумкин нест

به غایتی که از این سو گذار ممکن نیست