Дилбар чаҳ зуд аз сари паймон мо бирафт

دلبر چه زود از سر پیمان ما برفت

Аз рафтанаш чаҳ сӯз ки бар ҷон мо бирафт

از رفتنش چه سوز که بر جان ما برفت

Дардам чу ишқи дӯст ки ҳолаш падед нест

دردم چو عشق دوست که حالش پدید نیست

Ҳасту табиб аз сари дармон мо бирафт

هست و طبیب از سر درمان ما برفت

Нашав ва намо накард дигар шохи норван

نشو و نما نکرد دگر شاخ نارون

То он қад чу сарви зи бустон мо бирафт

تا آن قد چو سرو ز بستان ما برفت

Дигар нахонд булбули хўшхўон ба субҳдам

دیگر نخواند بلبل خوشخوان به صبحدم

То он рух чу гули зи гулистон мо бирафт

تا آن رخ چو گل ز گلستان ما برفت

Ҷоно ба чашми ту ки нашуд ҷамъи хотирам

جانا به چشم تو که نشد جمع خاطرم

То аз бар он ду зулфи парешон мо бирафт

تا از بر آن دو زلف پریشان ما برفت

Кӣ барфурӯхт кохи дили мо ба нури васл

کی برفروخت کاخ دل ما به نور وصل

То аз миёнаи шамъи шабистон мо бирафт

تا از میانه شمع شبستان ما برفت