Дилам бирафту сари дасти он нигор гирифт

دلم برفت و سر دست آن نگار گرفت

Қарор дар сари он зулф беқарор гирифт

قرار در سر آن زلف بی قرار گرفت

Ба чини зулфи ту печид ва дар хато афтод

به چین زلف تو پیچید و در خطا افتاد

Ватан кунун дили мискин дар он диёр гирифт

وطن کنون دل مسکین در آن دیار گرفت

зи ҳоли зори ман хаста аш наёяд ёд

ز حال زار من خسته‌اش نیاید یاد

Кадоми дил ки ҳам он лаҳзаи хуй ёр гирифт

کدام دل که هم آن لحظه خوی یار گرفت

Чу зулфи хеш парешон кунад марои аҳвол

چو زلف خویش پریشان کند مرا احوال

Магари тариқи ҷафои ҳам з рӯзгор гирифт

مگر طریق جفا هم ز روزگار گرفت

Биё ки дидаи зи ҳиҷрони ту чунон гиряд

بیا که دیده ز هجران تو چنان گرید

Каз оби дида ӣ мо ҷумлаи раҳ гузор гирифт

کز آب دیدهٔ ما جمله ره گذار گرفت

Ба боғ умр баборед дидаи чандон ашк

به باغ عمر ببارید دیده چندان اشک

Равон каз оби ду чашмами дарахт бор гирифт

روان کز آب دو چشمم درخت بار گرفت

Рамида буд дил аз ман чу оҳӯии ваҳшӣ

رمیده بود دل از من چو آهوی وحشی

Ба ҳар ду соиди симини дилам нигор гирифт

به هر دو ساعد سیمین دلم نگار گرفت

Ба холи ориз ӯ мурғи дил фурӯд омад

به خال عارض او مرغ دل فرود آمد

Ба доми зулфи парешони худ шикор гирифт

به دام زلف پریشان خود شکار گرفت

Гирифта буд ду зулфат ки ёри шидоӣист

گرفته بود دو زلفت که یار شیداییست

Бигӯ ба дасти ҳаваси длбро ки ёр гирифт

بگو به دست هوس دلبرا که یار گرفت

Ба шавқи он рух чун гули дили рамида ӣ мо

به شوق آن رخ چون گل دل رمیدهٔ ما

Ба бӯстони ҷаҳони нола ӣ ҳазор гирифт

به بوستان جهان نالهٔ هَزار گرفت

Насими зулфи парешони ту сабо оварад

نسیم زلف پریشان تو صبا آورد

зи накҳати сари зулфати ҷаҳон қарор гирифт

ز نکهت سر زلفت جهان قرار گرفت