Манам ки нақши тавъами ҳаргиз аз хаёл нарафт

منم که نقش تواَم هرگز از خیال نرفت

Ду чашми бахтам аз он чеҳра ва ҷамол нарафт

دو چشم بختم از آن چهره و جمال نرفت

зи ҷон малул шудам дар фироқи ёр ва ҳануз

ز جان ملول شدم در فراق یار و هنوز

Нигор маҳваши ман аз сар малол нарафт

نگار مهوش من از سر ملال نرفت

Ба ҷон расед марои дили зи дасти ҳиҷронаш

به جان رسید مرا دل ز دست هجرانش

Ба кӯии дӯсти марои ҷода ӣ висол нарафт

به کوی دوست مرا جادهٔ وصال نرفت

Миёни маҷмаъи риндону ошиқони Рахш

میان مجمع رندان و عاشقان رُخش

Биҷузи ҳикояти он хату зулф ва хол нарафт

بجز حکایت آن خط و زلف و خال نرفت

Ба пеши лаъл ту конаст моя эй зи ҳаёт

به پیش لعل تو کانست مایه‌ای ز حیات

Ҳадиси бодау сарчашма ӣ зулол нарафт

حدیث باده و سرچشمهٔ زلال نرفت

Ҳар онкии мӯӣ миёнат бидиду қад чу сарв

هر آنکه موی میانت بدید و قدّ چو سرو

Набӯд онкии шабу рӯз дар хаёл нарафт

نبود آنکه شب و روز در خیال نرفت