Ин боғ ҷаҳон бингар то боз чаҳ бори орад

این باغ جهان بنگر تا باز چه بار آرد

То бахт киро дигари зини ҷумла ба кори орад

تا بخت که را دیگر زین جمله به کار آرد

То боз ки май нӯшад аз ҷон шаб ҳастӣ

تا باز که می‌نوشد از جان شب هستی

То боз киро субҳӣ дар ранҷи хумори орад

تا باز که را صبحی در رنج خمار آرد

То пой ки андозад дар доми балои даврон

تا پای که اندازد در دام بلا دوران

То даст киро дигар дар нақш ванигор орад

تا دست که را دیگر در نقش و نگار آرد

То нағма ӣ Довӯдӣ дар гӯш ки андозад

تا نغمهٔ داودی در گوش که اندازد

То ҷон киро дигар дар нола ӣ зори орад

تا جان که را دیگر در نالهٔ زار آرد

То чанд азизонро дар хоки нишонди боз

تا چند عزیزان را در خاک نشاند باز

То чанд заъифонро дигар ба шумори орад

تا چند ضعیفان را دیگر به شمار آرد

То боғи умед ки аз лола ба бор ояд

تا باغ امید که از لاله به بار آید

То гулбуни бахт ки яксар ҳамаи хори орад

تا گلبن بخت که یکسر همه خار آرد

Аз тахти бақо то чанд касро фиканд дар чаҳ

از تخت بقا تا چند کس را فکند در چَهْ

То ахтари бахт ки дигар ба гадори орад

تا اختر بخت که دیگر به گدار آرد