Ҷузи шаби васли ту ҷоно ки кунад чораи мо

جز شب وصل تو جانا که کند چارهٔ ما

Худ нагӯйӣ чаҳ кунад хастаи бечораи мо

خود نگویی چه کند خستهٔ بیچارهٔ ما

Муддатӣ то дили саргашта ба олам гаштаст

مدّتی تا دل سرگشته به عالم گشته‌ست

То чаҳ шуд ҳоли дили хастаи овораи мо

تا چه شد حال دل خستهٔ آوارهٔ ما

Ин чунин хастаи равон каз ғами ҳиҷри ту манам

اینچنین خسته‌روان کز غم هجر تو منم

Ҳам магари шарбати васл ту кунад чораи мо

هم مگر شربت وصل تو کند چارهٔ ما

Гуфтам эй дӯст ба васлам нанавозӣ гуфто

گفتم ای دوست به وصلم ننوازی گفتا

Чаҳ кунам нарм нагаштаст дили хораи мо

چه کنم نرم نگشته‌ست دل خارهٔ ما

Дил ба ман гуфт бирав зулфи саман соаш бигир

دل به من گفت برو زلف سمن‌ساش بگیر

Гуфтам эй дил чаҳ кунам нест бидон ёраи мо

گفتم ای دل چه کنم نیست بدان یارهٔ ما

Аз ғамами ҷон ба лаб омад зи ҷаҳон сайр шудам

از غمم جان به لب آمد ز جهان سیر شدم

Ки надорад ба ҷуз аз ғами дили ғмхўораҳи мо

که ندارد بجز از غم دل غمخوارهٔ ما

Шукри алтофи ту эй дӯст намеёрам гуфт

شکر الطاف تو ای دوست نمی‌یارم گفت

Чаҳ накардаст бигӯ лутфи ту дарбора мо

چه نکرده‌ست بگو لطف تو دربارهٔ ما