Он кист ки бо ёди ту дил шод надорад

آن کیست که با یاد تو دل شاد ندارد

Он кас ки магари аҳди ғамат ёд надорад

آن کس که مگر عهد غمت یاد ندارد

Давр аз ту шабӣ нест ки ин хастаи маҳҷӯр

دور از تو شبی نیست که این خسته مهجور

То субҳдам аз ёди ту фарёд надорад

تا صبحدم از یاد تو فریاد ندارد

Сарв арча ба озодии қади ту сроФрохт

سرو ارچه به آزادی قدّ تو سرافراخت

Озодагии он қад озод надорад

آزادگیِ آن قدِ آزاد ندارد

Додам бидиҳ имрӯз ки султони ҷаҳонӣ

دادم بده امروز که سلطان جهانی

Кин хастаи ҷигари тоқат бедод надорад

کاین خسته جگر طاقت بیداد ندارد

Хусрав ба висоли рухи ширин шудаи хуррам

خسرو به وصال رخ شیرین شده خرّم

Ореи хабар аз сӯзиш Фарҳод надорад

آری خبر از سوزش فرهاد ندارد

эй шоҳи ҷаҳони кори ҷаҳон бе ту харобаст

ای شاه جهان کار جهان بی تو خرابست

Ҷузи адли ту каси малики ту обод надорад

جز عدل تو کس ملک تو آباد ندارد

Гӯйанд ки шодаст ҷаҳон бо ғами рӯят

گویند که شادست جهان با غم رویت

Он кист ки дилро ба ғамат шод надорад

آن کیست که دل را به غمت شاد ندارد