Дарди марои магари зи табибам даво расад

درد مرا مگر ز طبیبم دوا رسد

Фарёди хастагони балои ҳам худо расад

فریاد خستگان بلا هم خدا رسد

Он ҷавру хоре ки ту кардӣ ба ҷони ман

آن جور و خواریی که تو کردی به جان من

Гар баркашам зи синаи хурӯшӣ маро расад

گر برکشم ز سینه خروشی مرا رسد

Ушшоқ рӯй хуби ту бисёр дар ҷаҳон

عشّاق روی خوب تو بسیار در جهان

Васлати куҷо ва ман ба куҷо кӣ ба мо расад

وصلت کجا و من به کجا کی به ما رسد

Ҳоли ман гадои ситамдидаи ҳазин

حال من گدای ستمدیده حزین

Рӯзии магар ба самъи ту эй подшо расад

روزی مگر به سمع تو ای پادشا رسد

Мо хокӣ ӣем бар сари хоки раҳаш вале

ما خاکی‌ییم بر سر خاک رهش ولی

Султони куҷо ба ғӯри дил ҳар гадо расад

سلطان کجا به غور دل هر گدا رسد

Гар сар кашад зи мо қади сарви чаман чаҳ бок

گر سر کشد ز ما قد سرو چمن چه باک

Бо қомати ту саркашӣ ӯро чаро расад

با قامت تو سرکشی او را چرا رسد

Оре агар ба тараф чаман бигузарӣ чу бод

آری اگر به طرف چمن بگذری چو باد

Побӯси қади дилкаши ту сарвро расад

پابوس قد دلکش تو سرو را رسد

Зони чашми пари зи фитна ва он зулфи пари зи шӯр

زآن چشم پر ز فتنه و آن زلف پر ز شور

Ҳоли хароби зори ҷаҳон то куҷо расад

حال خراب زار جهان تا کجا رسد

Гар ошност ҳозиру бегона ёр нест

گر آشناست حاضر و بیگانه یار نیست

Ҳам оқибат ба ғӯри дил ошно расад

هم عاقبت به غور دل آشنا رسد