Ҳоли зорами гўиёи рӯзӣ бар ҷонон расад
حال زارم گوییا روزی بر جانان رسد
ё табиби дил ба ғӯри дард бедармон расад
یا طبیب دل به غور درد بی درمان رسد
Гар зи ҳоли зори ман дилдори ман огаҳ шавад
گر ز حال زار من دلدار من آگه شود
Ҳам ба фарёди ман мискин саргардон расад
هم به فریاد من مسکین سرگردان رسد
Ҳам барояд субҳгоҳии офтоби рӯзи васл
هم برآید صبحگاهی آفتاب روز وصل
Воин шаби диҷўри ҳиҷронро магар поён расад
واین شب دیجور هجران را مگر پایان رسد
Рӯз ҳиҷрон бугзарад дардам намонад бе даво
روز هجران بگذرد دردم نماند بی دوا
Навбати васли ту як шаб бо ман ҳайрон расад
نوبت وصل تو یک شب با من حیران رسد
Чун гиребони шаб васлаш намеояд ба даст
چون گریبان شب وصلش نمیآید به دست
Тарсами оҳи сўзноки ман дар он домон расад
ترسم آه سوزناک من در آن دامان رسد
намекунам сабрӣ ба ҳиҷрон ҳолиё ҷону ҷаҳон
میکنم صبری به هجران حالیا جان و جهان
Ҳам магари рӯзӣ ба ғӯри хотир ёрон расад
هم مگر روزی به غور خاطر یاران رسد
Онкасии кови сари фидои роҳ ишқат карда аст
آنکسی کاو سر فدای راه عشقت کرده است
Ҳаргиз ӯро эй азизи ман сухан дар ҷон расад
هرگز او را ای عزیز من سخن در جان رسد