Гул рафт ҳоле аз чаман то худ ба бустон кӣ расад
گل رفت حالی از چمن تا خود به بستان کی رسد
Вази шавқи рӯйиши нолау зорӣ ба дастон кӣ расад
وز شوق رویش ناله و زاری به دستان کی رسد
Гуфтам ба бод субҳдам башитоб дар рафтан вале
گفتم به باد صبحدم بشتاب در رفتن ولی
Афтон ва хезон меравад ӯ назд ҷонон кӣ расад
افتان و خیزان میرود او نزد جانان کی رسد
Чун назд ҷонон май рӯй баъд аз салом аз ман бигӯӣ
چون نزد جانان میروی بعد از سلام از من بگوی
Дардӣ ки ман дорам зи ту охир ба поён кӣ расад
دردی که من دارم ز تو آخر به پایان کی رسد
Чун умр кӯтоҳаст шаб , чун зулф ӯ ҳиҷрони дароз
چون عمر کوتاهست شب، چون زلف او هجران دراز
Ин қисса ӣ пари дарди ман ҳаргиз ба поён кӣ расад
این قصهٔ پر درد من هرگز به پایان کی رسد
Аз чашми махмураши назар ҳаргиз наяндозад ба мо
از چشم مخمورش نظر هرگز نیندازد به ما
Вази ҷуръаи лаъли лабаши бӯе ба мисатон кӣ расад
وز جرعه لعل لبش بویی به مستان کی رسد
Мӯрӣ шудаи помоли ғами андари биёбони фироқ
موری شده پامال غم اندر بیابان فراق
Ҳайҳоти коҳўоли ҷаҳон назд сулаймон кӣ расад
هیهات کاحوال جهان نزد سلیمان کی رسد
Саргаштаам гирди ҷаҳон зон чашми масти нотавон
سرگشتهام گرد جهان زان چشم مست ناتوان
Бо ман бигӯ ороми ҷон кин сар ба сомон кӣ расад
با من بگو آرام جان کاین سر به سامان کی رسد