Фарёд кин табиб ба дардам наме расад

فریاد کاین طبیب به دردم نمی‌رسد

Дастам ба даври васли ту ҳар дам наме расад

دستم به دور وصل تو هر دم نمی‌رسد

Маҷрӯҳ шуд дилам ба сари неши иштиёқ

مجروح شد دلم به سر نیش اشتیاق

Мушкил ки аз висоли ту марҳам наме расад

مشکل که از وصال تو مرهم نمی‌رسد

Розӣ шудам ба накҳати зулфин дилкашат

راضی شدم به نکهت زلفین دلکشت

Фарёду алғёс ки он ҳам наме расад

فریاد و الغیاث که آن هم نمی‌رسد

Дилдор агарчӣ ҳамдам ёрон муҳаррамаст

دلدار اگرچه همدم یاران محرمست

Моро ба ғайри ғами зи ту ҳамдам наме расад

ما را به غیر غم ز تو همدم نمی‌رسد

Неши фироқ рӯй ту доне ки ҳар нафас

نیش فراق روی تو دانی که هر نفس

Бар ҷони хстгонти зи сад кам наме расад

بر جان خستگانت ز صد کم نمی‌رسد

Ҷарроҳи ҳиҷр рӯй ту бас неш ме занад

جرّاح هجر روی تو بس نیش می‌زند

Бар дил вале чаҳ суд ки бар дам наме расад

بر دل ولی چه سود که بر دم نمی‌رسد

Чндонкаҳи дида бар дар шодӣ ниҳода ам

چندانکه دیده بر در شادی نهاده‌ام

Баси ҳалқа бар дар дилам аз ғам наме расад

بس حلقه بر در دلم از غم نمی‌رسد