Дардами зи васли дӯст ба дармон наме расад
دردم ز وصل دوست به درمان نمیرسد
Воин тираи рӯзи ҳиҷр ба поён наме расад
واین تیره روز هجر به پایان نمیرسد
Ҷонам ба лаб расед зи дасти ҷафои халқ
جانم به لب رسید ز دست جفای خلق
Воин турфатар ки шарҳ ба ҷонон наме расад
واین طرفه تر که شرح به جانان نمیرسد
Як лаҳза нагзарад ки дили хастаи маро
یک لحظه نگذرد که دل خسته مرا
Сад тир аз фироқи ту бар ҷон наме расад
صد تیر از فراق تو بر جان نمیرسد
Мо ҷон ниҳодаем ба роҳи ғамат валек
ما جان نهادهایم به راه غمت ولیک
Моро гуноҳ чист чу фармон наме расад
ما را گناه چیست چو فرمان نمیرسد
Ид рухам намой ки ин лошаи заъиф
عید رخم نمای که این لاشهٔ ضعیف
Аз дарди даврии ту ба қурбон наме расад
از درد دوری تو به قربان نمیرسد
Як дам намерасад ки диламро ҳазор бор
یک دم نمیرسد که دلم را هزار بار
Сад теғи ғами зи ҷавр рақибон наме расад
صد تیغ غم ز جور رقیبان نمیرسد
ӯ ҳокимасту одил ва ман бандаи заъиф
او حاکمست و عادل و من بندهٔ ضعیف
Охир чаро ба ғӯр заъифон наме расад
آخر چرا به غور ضعیفان نمیرسد
Дард ва ғамаст кори ҷаҳони сар ба сари тамом
درد و غمست کار جهان سر به سر تمام
Лекин ба меҳнати шаб ҳиҷрон наме расад
لیکن به محنت شب هجران نمیرسد
То кӣ ҷаҳон ба ҷон расад аз хори ҷаври халқ
تا کی جهان به جان رسد از خار جور خلق
Ёрб дамӣ ба васл гулистон наме расад
یارب دمی به وصل گلستان نمیرسد