Дардами ниҳод бар дил ва дармон наме расад

دردم نهاد بر دل و درمان نمی‌رسد

Воин рӯзгори талх ба поён наме расад

واین روزگار تلخ به پایان نمی‌رسد

Мӯрии заъифам ва шудаам поймоли ҳиҷр

موری ضعیفم و شده‌ام پایمال هجر

Ҳолами магар ба гӯш сулаймон наме расад

حالم مگر به گوش سلیمان نمی‌رسد

Ҳар рӯзи чархи дард ба дардам фузуду оҳ

هر روز چرخ درد به دردم فزود و آه

Кин оҳи сўзнок ба кайвон наме расад

کاین آه سوزناک به کیوان نمی‌رسد

Дили худ зи дасти ҳиҷри азизони фигор буд

دل خود ز دست هجر عزیزان فگار بود

Венаи неши байн ки ҷуз ба раг ҷон наме расад

وین نیش بین که جز به رگ جان نمی‌رسد

Як дам наме занам ки ба ҷонами зи рӯзгор

یک دم نمی‌زنم که به جانم ز روزگار

Дардӣ дигар зи ҳиҷр азизон наме расад

دردی دگر ز هجر عزیزان نمی‌رسد

Фарёду оҳу нолау зории ман чаҳ суд

فریاد و آه و ناله و زاری من چه سود

Кин тираи рӯзи ҳиҷр ба поён наме расад

کاین تیره روز هجر به پایان نمی‌رسد