Аз баҳри ғами дилам ба карона наме расад

از بحر غم دلم به کرانه نمی‌رسد

Киштии васли мо ба миёна наме расад

کشتی وصل ما به میانه نمی‌رسد

Чандон ки оҳ май занам аз теғи ҷаври ту

چندان که آه می‌زنم از تیغ جور تو

Он тири оҳи мо ба нишона наме расад

آن تیر آه ما به نشانه نمی‌رسد

Чун зулфи дилбарони дил саргаштаам зи ғам

چون زلف دلبران دل سرگشته‌ام ز غم

Ошуфта шуд чунонкӣ ба шона наме расад

آشفته شد چنانکه به شانه نمی‌رسد

Бисёр меҳнатӣ ба ҷаҳон дидаам вале

بسیار محنتی به جهان دیده‌ام ولی

Ҳеҷам ба дарди ҷавр замона наме расад

هیچم به درد جور زمانه نمی‌رسد

Ёр маро басӣаст чу мо ёр дар ҷаҳон

یار مرا بسیست چو ما یار در جهان

Моро хаёли ёр ягона наме расад

ما را خیال یار یگانه نمی‌رسد

Чашмам ба роҳ буд ки ҷонон расад ба мо

چشمم به راه بود که جانان رسد به ما

Дар гӯши ҷон ба ғайр фасона наме расад

در گوش جان به غیر فسانه نمی‌رسد

Ҷоно чу аҳд мо бишикастӣ ба дасти ҷавр

جانا چو عهد ما بشکستی به دست جور

Бар мо туро гирифт ва баҳона наме расад

بر ما تو را گرفت و بهانه نمی‌رسد

Як дам намеравад зи ғами ту ки бар дилам

یک دم نمی‌رود ز غم تو که بر دلم

Аз оташи фироқ забона наме расад

از آتش فراق زبانه نمی‌رسد

Гуфтам ба васли хеши маро дастгир бош

گفتم به وصل خویش مرا دستگیر باش

Гуфтои висоли мо ба ҷаҳон на наме расад

گفتا وصال ما به جهان نه نمی‌رسد