Дорам умеди васл ва ба ҷое наме расад
دارم امید وصل و به جایی نمیرسد
Воин дард бедаво ба давое наме расад
واین درد بیدوا به دوایی نمیرسد
Аз пои бӯси васл ту даврем чора нест
از پایبوس وصل تو دوریم چاره نیست
Моро ки дасти ҷуз ба дуое наме расад
ما را که دست جز به دعایی نمیرسد
Қадаши балои моу зи болоаш бар дилам
قدّش بلای ما و ز بالاش بر دلم
Як дам намеравад ки балое наме расад
یک دم نمیرود که بلایی نمیرسد
Ҳар шаби зи шавқи ҳамчуи ҷарас нола ме кунам
هر شب ز شوق همچو جرس ناله میکنم
Вази хайли дӯсти бонг дарое наме расад
وز خیل دوست بانگ درایی نمیرسد
Як лаҳза нест кин дили шӯридаи маро
یک لحظه نیست کاین دل شوریده مرا
Аз ҷаври рӯзгор ҷафое наме расад
از جور روزگار جفایی نمیرسد
Бар даргаи фироқи гадоёни ишқ ро
بر درگه فراق گدایان عشق را
Аз хон васли дӯст салое наме расад
از خوان وصل دوست صلایی نمیرسد
Машну сухани зи қавли мухолиф ки рост нест
مشنو سخن ز قول مخالف که راست نیست
Ушшоқро ки аз ту навое наме расад
عشّاق را که از تو نوایی نمیرسد
Мо давлати висол ту дорем орзӯ
ما دولت وصال تو داریم آرزو
Венаи орзӯ ба бесар ва пое наме расад
وین آرزو به بیسر و پایی نمیرسد
Гуфтам висол рӯй ту хоҳам ҷавоб гуфт
گفتم وصال روی تو خواهم جواب گفت
Султонии ҷаҳон ба гадоӣ наме расад
سلطانی جهان به گدایی نمیرسد
Мо аз дар умеди висолат куҷо барем
ما از در امید وصالت کجا بریم
Зин дар касе ки рафт ба ҷое наме расад
زین در کسی که رفت به جایی نمیرسد