Дар мо фикандае чу сари зулфи хеши тоб

در ما فکنده‌ای چو سر زلف خویش تاب

Зин беш он мапӣчу сар аз сӯии мо мтоб

زین بیش آن مپیچ و سر از سوی ما متاب

То кӣ ниҳони шӯии зи ду чашм дилам бигӯ

تا کی نهان شوی ز دو چشم دلم بگو

Ҳаргиз ки дид сӯрати хуршед дар ниқоб

هرگز که دید صورت خورشید در نقاب

Моро зи меҳр рӯй ту дар дил ҳароратӣаст

ما را ز مهر روی تو در دل حرارتیست

Таскин он намешавад ало ба моҳтоб

تسکین آن نمی‌شود الّا به ماهتاب

Моҳи рахти мадори дареғ аз ман заъиф

ماه رخت مدار دریغ از من ضعیف

Аз зарра кӣ дареғ кунад меҳри офтоб

از ذرّه کی دریغ کند مهر آفتاب

Ранҷури ишқро зи давои чора Эй бисоз

رنجور عشق را ز دوا چاره‌ای بساز

Зеро ки ҳаст чора ӣ бечорагони савоб

زیرا که هست چارهٔ بیچارگان ثواب

эй сарв ростӣ биншин дар ду чашми мо

ای سرو راستی بنشین در دو چشم ما

Доне ки ҷой сарв равонаст дар сари об

دانی که جای سرو روانست در سر آب

Оташ гирифт дар дили мо раҳматӣ намой

آتش گرفت در دل ما رحمتی نمای

Зон рӯ ки хӯн ҳаме равад аз чашми мо чу об

زان رو که خون همی رود از چشم ما چو آب

Гуфтам ҷаҳони зи адли ту ободтар шавад

گفتم جهان ز عدل تو آبادتر شود

Акнӯн яқин шудам ки ту хоҳии ҷаҳони хароб

اکنون یقین شدم که تو خواهی جهان خراب