Рамед дили зи ман хастаи пеш дилбар шуд

رمید دل ز من خسته پیش دلبر شد

Димоғи ҷони зи сари зулф ӯ муаттар шуд

دماغ جان ز سر زلف او معطّر شد

Чу рӯй он бут раъно бидид аз сари шавқ

چو روی آن بت رعنا بدید از سر شوق

зи ҷони ғуломи рухи ёри моҳ пайкар шуд

ز جان غلام رخ یار ماه پیکر شد

Агарчӣ зулфи сиёҳат ба шаби раҳаш гум кард

اگرچه زلف سیاهت به شب رهش گم کرد

Ба буии анбари Сороаши боз раҳбар шуд

به بوی عنبر ساراش باز رهبر شد

Ба ёд дӯш кашидам ба хоби турраи ёр

به یاد دوش کشیدم به خواب طرّه یار

Ду дастам аз сари зулфин ӯ мънбр шуд

دو دستم از سر زلفین او معنبر شد

Даромад аз дирами он моҳ рӯй сими андом

درآمد از درم آن ماهروی سیم اندام

зи равиши кулбаи аҳзони мо мунаввар шуд

ز روش کلبه احزان ما منوّر شد

Агарчӣ кара бе боки чарх , тавсан буд

اگرچه کرّه بی باک چرخ، توسن بود

Ба тозӣонаи васлаш дигар мусаххар шуд

به تازیانه وصلش دگر مسخّر شد

Висоли дӯст ба зории зор май ҷустам

وصال دوست به زاری زار می‌جستم

Ҳазор шукр ки он давлатам муяссар шуд

هزار شکر که آن دولتم میسّر شد

Чу рӯй ту набӯд нақш дар ҷаҳони борӣ

چو روی تو نبود نقش در جهان باری

Ба коргоҳи хаёлами чунин мусаввир шуд

به کارگاه خیالم چنین مصوّر شد

Чаро ту дасти баровардае ба ғорати дил

چرا تو دست برآورده‌ای به غارت دل

Магар ба даври ҷамолати ҷаҳон мусаххар шуд

مگر به دور جمالت جهان مسخّر شد