Ҷамол рӯй ту бар малики дил чу сарвар шуд
جمال روی تو بر ملک دل چو سرور شد
Ду чашми бахти ман аз диданаш мунаввар шуд
دو چشم بخت من از دیدنش منوّر شد
Чу офтоби ҷамолати баромад аз машриқ
چو آفتاب جمالت برآمد از مشرق
Ҷаҳони ҳасану латофати туро муқарар шуд
جهان حسن و لطافت تو را مقرّر شد
Чу равшанӣ рахт дид офтоби зи рашк
چو روشنی رخت دید آفتاب ز رشک
Табаш гирифту зарурати мутӣъ ва чокар шуд
تبش گرفت و ضرورت مطیع و چاکر شد
Рухами зи ҷавр чу зари гашту нек май доне
رُخم ز جور چو زر گشت و نیک میدانی
Ки хайли ваҷҳи ту аз моли мо тавонгар шуд
که خیل وجه تو از مال ما توانگر شد
Ҳилоли абрӯӣ ту дид моҳи нави зи ҳасад
هلال ابروی تو دید ماه نو ز حسد
Ба як ду ҳафтаи заъиф ва назор ва лоғар шуд
به یک دو هفته ضعیف و نزار و لاغر شد
Муаллимами ҳамаи шаби дарси давр май омухт
معلّمم همه شب درس دور میآموخت
Вале аз он ҳамаи оёти ишқам аз бар шуд
ولی از آن همه آیات عشقم از بر شد
Ба тӯҳфаи ҷони тлбидии з ман фиристодам
به تحفه جان طلبیدی ز من فرستادم
Вале хиҷолатам аз исми он муҳақар шуд
ولی خجالتم از اسم آن محقّر شد
Ҷаҳон ҳамеша ҷавонаст пеши аҳли хирад
جهان همیشه جوانست پیش اهل خرد
Ба назд ҷоҳилу нодони магар мукаррар шуд
به نزد جاهل و نادان مگر مکرر شد