Чун рӯзи умри ман ба фироқи ту шом шуд
چون روز عمر من به فراق تو شام شد
Дар орзӯӣ рӯй ту умрам тамом шуд
در آرزوی روی تو عمرم تمام شد
Хӯни дилам чу бар ту ҳалоласт длбро
خون دلم چو بر تو حلالست دلبرا
Охир чаро висоли ту бар мо ҳаром шуд
آخر چرا وصال تو بر ما حرام شد
Раҳмӣ ба ҳоли зори ман хаста дил бикун
رحمی به حال زار من خسته دل بکن
Каз даст рафт ва дар паии моҳ тамом шуд
کز دست رفت و در پی ماه تمام شد
Деги ҳавои зулфи ту май пухт дар димоғ
دیگ هوای زلف تو میپخت در دماغ
Мискини дилам ки дар сари савдоӣ хом шуд
مسکین دلم که در سر سودای خام شد
Мурғи дилам ки кард ба кӯии ғамати ҳаво
مرغ دلم که کرد به کوی غمت هوا
Шасти ду зулф ёр бидид ва ба дом шуд
شَستِ دو زلف یار بدید و به دام شد
Зини пеши табъи тавсани мо буд бдлгом
زین پیش طبع توسن ما بود بد لگام
Вокнўн ба захми Қумчии айём ром шуд
واکنون به زخم قمچی ایام رام شد
Ҳарчанд дар фироқи ту ҳолами хароб буд
هرچند در فراق تو حالم خراب بود
Бо васли дӯсти кори ҷаҳон бо низом шуд
با وصل دوست کار جهان با نظام شد