Маро то дил ба рӯят меҳрбон шуд
مرا تا دل به رویت مهربان شد
зи дидаи хӯни дили гӯйӣ равон шуд
ز دیده خون دل گویی روان شد
Дилам бар хоки Кувайт зор бинишаст
دلم بر خاک کویت زار بنشست
Равон то қомати сарв равон шуд
روان تا قامت سرو روان شد
Ба буии онкии поятро бабўсад
به بوی آنکه پایت را ببوسد
Бидон умеди хок остон шуд
بدان امّید خاک آستان شد
Дили бечораи сокини гашти онҷо
دل بیچاره ساکن گشت آنجا
Фидои хоки кӯй дилбарон шуд
فدای خاک کوی دلبران شد
Чаро он дилбари таннози борӣ
چرا آن دلبر طنّاز باری
Парии вор аз ду чашми мо ниҳон шуд
پریوار از دو چشم ما نهان شد
Мусулмонон намедонам ки дилбар
مسلمانان نمیدانم که دلبر
Чаро бо мо чунин номеҳрбон шуд
چرا با ما چنین نامهربان شد
Нгоринои хабари дории зи ҳолам
نگارینا خبر داری ز حالم
Ки ҷон аз дарди даврӣ нотавон шуд
که جان از درد دوری ناتوان شد
Нахурда шарбатӣ аз ҷоми нӯшин
نخورده شربتی از جام نوشین
Ба бахти мо чаро ӯ саргарон шуд
به بخت ما چرا او سر گران شد
Чу сарви нози сӯии мо гузар кун
چو سرو ناز سوی ما گذر کن
Ки то гӯям ҷаҳон аз нав ҷавон шуд
که تا گویم جهان از نو جوان شد
Бутам то ғамза ғаммоз бинмуд
بتم تا غمزهٔ غمّاز بنمود
Басии фитнаи зи чашмаш дар ҷаҳон шуд
بسی فتنه ز چشمش در جهان شد