Чу зулфи хеш чаро аҳд ёр бишикастанд
چو زلف خویش چرا عهد یار بشکستند
Чаро ба теғи ҷафои ҷони хастагони хстнд
چرا به تیغ جفا جان خستگان خستند
зи меҳнати шаби ҳиҷрону иштиёқи висол
ز محنت شب هجران و اشتیاق وصال
Ба чашми ҳасрати мо роҳ хоб дарбастанд
به چشم حسرت ما راه خواب دربستند
Қисм ба рӯй чу хуршеди ту ки ҳушёрон
قسم به روی چو خورشید تو که هشیاران
Ба буии зулфи ту ҷоно ҳануз сармастанд
به بوی زلف تو جانا هنوز سرمستند
Ба чашми дӯст ки ёрони хашми рафта ӣ мо
به چشم دوست که یاران خشم رفتهٔ ما
Ба шакли абрӯии дилдор боз пайвастанд
به شکل ابروی دلدار باز پیوستند
Серум бирафт зи савдои ошиқони Рахш
سرم برفت ز سودای عاشقان رُخش
Ҳамеша доғи ғами ишқ дӯст барбастанд
همیشه داغ غم عشق دوست بربستند
Фидоӣ рӯй ту карданд эй санами дилу ҷон
فدای روی تو کردند ای صنم دل و جان
Аз он ҷиҳати зи ғами рӯзгори ворстнд
از آن جهت ز غم روزگار وارستند
намеравад зи хаёлами дамӣ ки мардуми чашм
نمیرود ز خیالم دمی که مردم چشم
Мудоми дида ӣ ҷон дар ҷамол ӯ бастанд
مدام دیدهٔ جان در جمال او بستند
Аз оташи ғами ишқат ки дар ҷаҳон афтод
از آتش غم عشقت که در جهان افتاد
Кунун зи боди ҳавоят чу хок раҳ пастанд
کنون ز باد هوایت چو خاک ره پستند