Кас ба умеди вафои тарки дил ва дайн накунад
کس به امید وفا ترک دل و دین نکند
Ҷузи ту сунбул ба гул рӯй ту парчин накунад
جز تو سنبل به گل روی تو پرچین نکند
Ҳеҷ шаб нест ки аз хӯни ҷигар рӯй маро
هیچ شب نیست که از خون جگر روی مرا
Дили ғам дидаам аз дасти ту рангин накунад
دل غم دیدهام از دست تو رنگین نکند
Аз ҷафое ки аз ӯ бар ман длхстаҳ расед
از جفایی که از او بر من دلخسته رسید
Ҳамаи кас раҳм кунад он дил сангин накунад
همه کس رحم کند آن دل سنگین نکند
Нагзарад як нафасии кони бути маи рӯ ба ҷафо
نگذرد یک نفسی کان بت مه رو به جفا
Абрувон бар ман длхстаҳи пар аз чин накунад
ابروان بر من دلخسته پر از چین نکند
Ман дуъогӯии туам аз дилу ҷон то бошам
من دعاگوی تواَم از دل و جان تا باشم
Дар дуои ту шабу рӯз ки омин накунад
در دعای تو شب و روز که آمین نکند
Монӣ ар сӯрат рӯй ту бибинад дар хоб
مانی ار صورت روی تو ببیند در خواب
Ба ҷаҳони даъвии сӯратгарӣ чин накунад
به جهان دعوی صورتگری چین نکند
Ҳеҷ шаб нест ки дар дида ӣ мо хайли хаёл
هیچ شب نیست که در دیدهٔ ما خیل خیال
Нанишинад ба ҷамоли ту сад ойин накунад
ننشیند به جمال تو صد آیین نکند