Бо қомати ту сарв ба бустон чаҳ ме кунад
با قامت تو سرو به بستان چه میکند
Гул бо рахт бигӯ ба гулистон чаҳ ме кунад
گل با رخت بگو به گلستان چه میکند
Чун бар гули рухи ту чу ман андалеб нест
چون بر گل رخ تو چو من عندلیب نیست
Дар мадҳ рӯй хуби ту дастон чаҳ ме кунад
در مدح روی خوب تو دستان چه میکند
Ҳар дидаи кови фурӯғи рахтро з давр дид
هر دیده کاو فروغ رخت را ز دور دید
Охир бигӯ ки шамъи шабистон чаҳ ме кунад
آخر بگو که شمع شبستان چه میکند
Хусрав чу ёфт он лаби ширин ба коми дил
خسرو چو یافت آن لب شیرین به کام دل
Бо лаъли дилкашати шкрстон чаҳ ме кунад
با لعل دلکشت شکرستان چه میکند
Гарчи мукаррараст ҳадиси шукр вале
گرچه مکررست حدیث شکر ولی
Пеши лаби ту қанди Луристон чаҳ ме кунад
پیش لب تو قند لرستان چه میکند
Ҳар гӯшу ҳуш каз лаби ту қисса Эй шунид
هر گوش و هوش کز لب تو قصّهای شنید
Савти ҳазору булбули бустон чаҳ ме кунад
صوت هزار و بلبل بستان چه میکند
Ҳаркас ки рӯй чун гули ту дар ҷаҳон бидид
هرکس که روی چون گل تو در جهان بدید
Фасли баҳору барги зимистон чаҳ ме кунад
فصل بهار و برگ زمستان چه میکند