Ҳар дил ки на пурдардаст он дил ба чаҳ кор ояд

هر دل که نه پُر دردست آن دل به چه کار آید

Вонкс ки нашуд ошиқи худ чун ба шумор ояд

وآنکس که نشد عاشق خود چون به شمار آید

Мискини дили танг ман машкан ба ситами ёро

مسکین دل تنگ من مشکن به ستم یارا

Зинҳори нигаҳи дораши рӯзят ба кор ояд

زنهار نگه دارش روزیت به کار آید

Рӯзӣ агар аз дастам ояд ки ба поши уфтам

روزی اگر از دستم آید که به پاش افتم

Ёрб чаҳ шабӣ бошад он шаб ки нигор ояд

یارب چه شبی باشد آن شب که نگار آید

Гуфтам ба дил маҳзун хӯнаст туро рӯзӣ

گفتم به دل محزون خونست تو را روزی

Зинҳор таҳаммул кун ҷӯрӣ ки з ёр ояд

زنهار تحمّل کن جوری که ز یار آید

Навмед машав эй дил шояд ки нишоед буд

نومید مشو ای دل شاید که نشاید بود

Кин ахтари бахти ман рӯзӣ ба гузор ояд

کاین اختر بخت من روزی به گذار آید

Гуфтам ту ҷаҳони дории гуфто ба влои вллаҳ

گفتم تو جهان داری گفتا به ولا ولله

Охир ту бипурс аз вай аз моаш чаҳ ор ояд

آخر تو بپرس از وی از ماش چه عار آید