На дилбарӣ ки дилам зу дамӣ биёсоед

نه دلبری که دلم زو دمی بیاساید

На ҳамдамӣ ки ба дардами дамӣ ба кор ояд

نه همدمی که به دردم دمی به کار آید

На дӯстӣ ки бипурсад зи ҳоли зорам ро

نه دوستی که بپرسد ز حال زارم را

На муҳаррамӣ ки бигӯям чунончӣ май бояд

نه محرمی که بگویم چنانچه می‌باید

Ба ғайри мардуми чашмам ки дар ғами ҳиҷрон

به غیر مردم چشمم که در غم هجران

Ба заҷри хӯни диламро зи дидаи полоид

به زجر خون دلم را ز دیده پالاید

Бигӯ ки бо ки тавон гуфт ҳоли зорам ро

بگو که با که توان گفت حال زارم را

Ба ғайри бод ки аз кӯй дӯст ме ояд

به غیر باد که از کوی دوست می‌آید

БгФтмш ки туе муҳаррами дили ушшоқ

بگفتمش که تویی محرم دل عشّاق

Агар хабар кунӣ ӯро зи ҳоли мо шояд

اگر خبر کنی او را ز حال ما شاید

Бигӯ ба теғи ситам беш азин марезами хӯн

بگو به تیغ ستم بیش ازین مریزم خون

Кро намекунад ин хӯн ки даст олоед

کرا نمی‌کند این خون که دست آلاید

Чу бар мурод ҷаҳон нест кори мо эй дил

چو بر مراد جهان نیست کار ما ای دل

На ончунон ки ту хоҳии чунончӣ май бояд

نه آنچنان که تو خواهی چنانچه می‌باید