Ҷон ба шукронаи даҳумгар бути мо боз ояд

جان به شکرانه دهم گر بت ما باز آید

ё шабӣ бо ман длсўхтаҳ дмсоз ояд

یا شبی با من دلسوخته دمساز آید

Ки расонади зи ман хастаи паёмӣ бар дӯст

که رساند ز من خسته پیامی بر دوست

Ҳам магари боди сабои муҳаррами ин роз ояд

هم مگر باد صبا محرم این راز آید

Гар гузорӣ кунад он сарв ба хоками рӯзӣ

گر گذاری کند آن سرو به خاکم روزی

Гарчи он дилбари ман аз сар эъзоз ояд

گرچه آن دلبر من از سر اعزاز آید

Сарв нозаст қадаш дар чамани ҷонбозӣ

سرو نازست قدش در چمن جانبازی

Лоҷарам сарв равонаст ва ба сад ноз ояд

لاجرم سرو روانست و به صد ناز آید

Ошиқи содиқ агар бар сари бозори ғамат

عاشق صادق اگر بر سر بازار غمت

Бугзарад аз сару зари пеши ту ҷонбоз ояд

بگذرد از سر و زر پیش تو جانباز آید

Бори ишқӣ ки зи ҳиҷрони ту бар ҷон манаст

بار عشقی که ز هجران تو بر جان منست

Бар дил кӯҳ наҳй кӯҳ ба овоз ояд

بر دل کوه نهی کوه به آواز آید

Дар ҷаҳон нест марои ҷузи ғами айёми фироқ

در جهان نیست مرا جز غم ایام فراق

Умр боз оядам ар ҷону ҷаҳон боз ояд

عمر باز آیدم ار جان و جهان باز آید