Вақт онаст ки дилбари зи ҷафо боз ояд

وقت آنست که دلبر ز جفا باز آید

Бо ман хастаи дили сӯхта дмсоз ояд

با من خسته دل سوخته دمساز آید

Булбули длшдаҳи нолони зи зимистони фироқ

بلبل دلشده نالان ز زمستان فراق

Шуд баҳорон ки дигар бора ба овоз ояд

شد بهاران که دگر باره به آواز آید

Равнақи боғ ва гулистон набӯд бе рухи ту

رونق باغ و گلستان نبود بی رخ تو

Магар аз сояи шамшоди ту бо соз ояд

مگر از سایه شمشاد تو با ساز آید

Мурғи ҷонам шудаи пои басти бдоми сари зулф

مرغ جانم شده پا بست به دام سر زلف

Гули рӯят чу намоянд ба овоз ояд

گل رویت چو نمایند به آواز آید

Дили мо ҳамчуи кабӯтари бачаи саргардон

دل ما همچو کبوتر بچهٔ سرگردان

Дар ҳавои ғамат эй дӯст ба парвоз ояд

در هوای غمت ای دوست به پرواز آید

Дилбарии кови з бар мо зи сар ноз бирафт

دلبری کاو ز بر ما ز سر ناز برفت

Гоҳ он нест ки аз роҳи вафо боз ояд

گاه آن نیست که از راه وفا باز آید

Сарви нози қадат эй дӯст ба бустони ҷаҳон

سرو ناز قدت ای دوست به بستان جهان

Бодҳо мерасадаш зон зи сар ноз ояд

بادها می‌رسدش زان ز سر ناز آید