Ба ҷузи хаёли туам дар назар наме ояд

بجز خیال تواَم در نظر نمی‌آید

Дамем бе рухи ҷонон ба сар наме ояд

دمیم بی‌رخ جانان به سر نمی‌آید

Манам ба хоки раҳаши мӯътакиф ба умедаш

منم به خاک رهش معتکف به امّیدش

Валек сарви равон дар гузар наме ояд

ولیک سرو روان در گذر نمی‌آید

Парии сифати зи ду чашмами ниҳон шуда умрӣаст

پری‌صفت ز دو چشمم نهان شده عمریست

Аз он ҷиҳати знигорам хабар наме ояд

از آن جهت ز نگارم خبر نمی‌آید

зи дарди ишқи ту бемор гаштаам ҷоно

ز درد عشق تو بیمار گشته‌ام جانا

Ба ҷузи хаёли туами кас ба сар наме ояд

بجز خیال تواَم کس به سر نمی‌آید

Ба лаъли он лаби ширин чунон шавам муштоқ

به لعل آن لب شیرین چنان شوم مشتاق

Ки ҳеҷ ёди маро аз шукр наме ояд

که هیچ یاد مرا از شکر نمی‌آید

Ба ҷузи ниҳоли қаду қоматат ки бас зебост

بجز نهال قد و قامتت که بس زیباست

Азизи ман ба хаёл башар наме ояд

عزیز من به خیال بشر نمی‌آید

Биҳишт бе рухи хубати куҷо барам ту бигӯ

بهشت بی‌رخ خوبت کجا برم تو بگو

Ба ҷони ту ки ба ёдам дигар наме ояд

به جان تو که به یادم دگر نمی‌آید

Ба бӯстони висолат чу оби дидаи даҳум

به بوستان وصالت چو آب دیده دهم

Чаро дарахти умедам ба бар наме ояд

چرا درخت امیدم به بر نمی‌آید

зи интизори ту ҷонаш ба лаб расед ҷаҳон

ز انتظار تو جانش به لب رسید جهان

Сабои ту рост бигӯ ёр агар наме ояд

صبا تو راست بگو یار اگر نمی‌آید