Маро ба субҳдамии гул ба бор май бояд
مرا به صبحدمی گل به بار میباید
Ба боғи доману дастнигор май бояд
به باغ، دامن و دست نگار میباید
Чу масти гашти дил аз бода ӣ ғами ту маро
چو مست گشت دل از بادهٔ غم تو، مرا
зи ҷоми лаъли ту дафъи хумор май бояд
ز جام لعل تو دفع خمار میباید
Агарчӣ ҳаст анояти туро ба сӯии раҳе
اگرچه هست عنایت تو را به سوی رهی
зи толеъами мададии ҳам ба кор май бояд
ز طالعم مددی هم به کار میباید
Шаби фироқи тавъами ҷон ба лаб расонидаст
شب فراق تواَم جان به لب رسانیدهست
Ба рӯзи васли тавъами ихтиёр май бояд
به روز وصل تواَم اختیار میباید
Бипурс номи ман хастаи дил ки дар ду ҷаҳон
بپرس نام من خسته دل که در دو جهان
Ба давлати ту марои эътибор май бояд
به دولت تو مرا اعتبار میباید
Агарчӣ рӯз чу умр рақиб кӯтоҳаст
اگرچه روز چو عمر رقیب کوتاهست
Маро ба васли шабии пойдор май бояд
مرا به وصل شبی پایدار میباید
Агарчӣ бар дил ман ҳаст бори ҳиҷри басӣ
اگرچه بر دل من هست بار هجر بسی
Маро ба хилвати васли ту бор май бояд
مرا به خلوت وصل تو بار میباید