Ниҳоди малики дилам бар ғами рухи ту мадор

نهاد ملک دلم بر غم رخ تو مدار

Чу зулфи хеши дилам беш азин шикастаи мадор

چو زلف خویش دلم بیش ازین شکسته مدار

Чу мо зи саҳари ду чашми хуши ту масти шудем

چو ما ز سحر دو چشم خوش تو مست شدیم

Биё ки аз май лаъл ту башиканем хумор

بیا که از می لعل تو بشکنیم خمار

Сабои ?герат гузар уфтад ба кӯй ёр бигӯӣ

صبا گرت گذر افتد به کوی یار بگوی

Ки дар фироқи ту то кӣ кашад дили ман бор

که در فراق تو تا کی کشد دل من بار

Туе ки бар ман бечора ?ут набошад меҳр

تویی که بر من بیچاره‌ات نباشد مهر

Манам ки бе ту надорам ба ҳеҷ гӯнаи қарор

منم که بی تو ندارم به هیچ گونه قرار

Ба лаб расед марои ҷони зи дасти ҳиҷронат

به لب رسید مرا جان ز دست هجرانت

Макун ҷафо ки чунин кас намекунад бо ёр

مکن جفا که چنین کس نمی‌کند با یار

Чу хок бар сари роҳат фитодаам ҷоно

چو خاک بر سر راهت فتاده‌ام جانا

Марои зи хоки мазаллат ба лутф худ бурдор

مرا ز خاک مذلّت به لطف خود بَردار

Чу нест тоқати сабрам чу ҳаст дарди фироқ

چو نیست طاقت صبرم چو هست درد فراق

Ғами замонаи азин беш бар дилами мгмор

غم زمانه ازین بیش بر دلم مگمار

Худост матлаъи ҳоли ман ки дар шабу рӯз

خداست مطّلع حال من که در شب و روز

Дуои давлатат аз ҷон ҳаме кунам такрор

دعای دولتت از جان همی کنم تکرار

Мурод ман бидиҳ эй дӯст варна ме донам

مراد من بده ای دوست ورنه می‌دانم

Ҷазоӣ ин бидиҳад эзадат ба рӯзи шумор

جزای این بدهد ایزدت به روز شمار

Шудам ба коми дили душманону ҳиҷр эй дӯст

شدم به کام دل دشمنان و هجر ای دوست

Маро ба коми дили душманон чунин магузор

مرا به کام دل دشمنان چنین مگذار

Ба ҷони ту ки ман хаста дар фироқи рахт

به جان تو که من خسته در فراق رُخت

Шудам зи ҷону ҷаҳону ҷаҳонёни безор

شدم ز جان و جهان و جهانیان بیزار