Хуши насимӣ май вазад дар субҳ аз буии баҳор

خوش نسیمی می‌وزد در صبح از بوی بهار

Соқио бархезу зуди он бода ӣ гулгун биор

ساقیا برخیز و زود آن بادهٔ گلگون بیار

То хумори рӯзи ҳиҷронро ба оби сурх май

تا خمار روز هجران را به آب سرخ می

Башиканам дар интизори оннигор ғмгсор

بشکنم در انتظار آن نگار غمگسار

Наргиси Шаҳлои бустонро кунам ҷони пешкаш

نرگس شهلای بستان را کنم جان پیشکش

Дили даҳум бар боди ғам бар ёди чашми пурхумор

دل دهم بر باد غم بر یاد چشم پُر خمار

Дар миёни хӯни дили мустағриқам аз дарди он

در میان خون دل مستغرقم از درد آن

Кони қад чун норванро кӣ дрорм дар канор

کان قد چون نارون را کی درآرم در کنار

Ҳеҷ май донеи нигоро дар сробстони ҳиҷр

هیچ می‌دانی نگارا در سرابستان هجر

Дида ӣ маҳҷӯри ман то гашти бозати бози ёр

دیدهٔ مهجور من تا گشت بازت باز یار

Сарв саркаш гуфт ман султони бустонам вале

سرو سرکش گفت من سلطان بستانم ولی

Дар ҷаҳон аз сарви болотар буд дасти чанор

در جهان از سرو بالاتر بود دست چنار

Зоби дидаи прўридстми ниҳоли қоматат

زآب دیده پروریده‌ستم نهال قامتت

Гӯш май дораши зи боди ноумедӣ зинҳор

گوش می‌دارش ز باد ناامیدی زینهار

Дар шаби васлати қамаргар брнёиди гӯи мё

در شب وصلت قمر گر برنیاید گو میا

КоФтоб аз акс рӯй ёр ман шуд шармсор

کافتاب از عکس روی یار من شد شرمسار

Ҳар чаҳ аз боди баҳории гулбуни ҷон гирд кард

هرچه از باد بهاری گلبن جان گرد کرد

Бар қаду болои он дилдор мехоҳам нисор

بر قد و بالای آن دلدار می‌خواهم نثار