Дилам аз дарди фироқи ту ба ҷон омад боз

دلم از درد فراق تو به جان آمد باز

Ҷонам аз шавқи висолат ба фиғон омад боз

جانم از شوق وصالت به فغان آمد باز

Мужда ӣ васли ту ногуҳ ба ҷаҳони дрдоднд

مژدهٔ وصل تو ناگه به جهان دردادند

Ҷони пажмурдаи зи меҳрат ба ҷаҳон омад боз

جان پژمرده ز مهرت به جهان آمد باز

Ҳоли дилдори дилами хост ки маълум кунад

حال دلدار دلم خواست که معلوم کند

Ошкорои з барам рафт ва ниҳон омад боз

آشکارا ز برم رفت و نهان آمد باز

Гуфтам эй дил чу бирафтӣ з барам ҳол бигӯӣ

گفتم ای دل چو برفتی ز برم حال بگوی

Гуфт хомӯш ки он рӯҳ ва равон омад боз

گفت خاموش که آن روح و روان آمد باز

Муждаи сӯии чаману оби равон бояд барад

مژده سوی چمن و آب روان باید برد

Ки дигарбораи з дар сарв равон омад боз

که دگرباره ز در سرو روان آمد باز

Ҷон ба шукрона бидодем чу дидем ба чашм

جان به شکرانه بدادیم چو دیدیم به چشم

Сарви бустони малоҳат ки чмон омад боз

سرو بستان ملاحت که چمان آمد باز

Шукри маъбуд ки товуси дили маҳзунам

شکر معبود که طاووس دل محزونم

Аз дар гулшани ҷони ҷилва кунон омад боз

از در گلشن جان جلوه کنان آمد باز

Дили ман лаъл лабаш дид ва ба таҳсин ме гуфт

دل من لعل لبش دید و به تحسین می‌گفت

Лаъли ҷони бахши нигари ҷон ки ба кон омад боз

لعل جان بخش نگر جان که به کان آمد باز

Гуфта будӣ ки ту рӯзии зи ғамами бози ое

گفته بودی که تو روزی ز غمم باز آیی

Аз ғам рӯй ту эй ҷон битавон омад боз

از غم روی تو ای جان بتوان آمد باز

Онкӣ будӣ ба ту дилшод ва ту биравӣ дилшод

آنکه بودی به تو دلشاد و تو بر وی دلشاد

Дар канории баду охир ба миён омад боз

در کناری بُد و آخر به میان آمد باز

эй ҷаҳон гарчи шудӣ пери зи айёми фироқ

ای جهان گرچه شدی پیر ز ایام فراق

Мӯниси ҷону дили пер ва ҷавон омад боз

مونس جان و دل پیر و جوان آمد باز

Ҳамчуи лолаи дилам аз дарди фироқат май сӯхт

همچو لاله دلم از درد فراقت می‌سوخت

Дидаи сӯии ту чу наргис нигарон омад боз

دیده سوی تو چو نرگس نگران آمد باز

Булбули ҷони ман аз хори фироқат шудаи лол

بلبل جان من از خار فراقت شده لال

Аз гул рӯй ту охир ба забон омад боз

از گل روی تو آخر به زبان آمد باز