Ҳаст чун зулфи бтонми ҳаваси умри дароз
هست چون زلف بتانم هوس عمر دراز
То дамии дарди дил хеш бигӯям ба ту боз
تا دمی درد دل خویش بگویم به تو باز
Сар ба гӯши ту нуҳуми ҳоли ҷаҳони арзаи даҳум
سر به گوش تو نهم حال جهان عرضه دهم
То назар бар ман бечора кунӣ аз сари ноз
تا نظر بر من بیچاره کنی از سر ناز
Сари ишқ ту нахоҳам ки бигӯям бо кас
سرّ عشق تو نخواهم که بگویم با کس
Хосса бо боди сабо ков набӯд муҳаррами роз
خاصه با باد صبا کاو نبود محرم راز
Даври васли ту чу умраст шитобон чаҳ кунам
دور وصل تو چو عمرست شتابان چه کنم
Чанд нолами зи ғами ишқи ту шабҳои дароз
چند نالم ز غم عشق تو شبهای دراز
Чанд пеши рухи маи пайкари ту ҷони ҷаҳон
چند پیش رخ مه پیکر تو جان جهان
Ҳамчуи шамъӣ буд аз ҳиҷри ту дар сӯзу гудоз
همچو شمعی بود از هجر تو در سوز و گداز
Чанд гӯям ба лаб омад зи ғамами ҷони азиз
چند گویم به لب آمد ز غمم جان عزیز
Чанд гӯйӣ ба ман хаста ки бо дард бисоз
چند گویی به من خسته که با درد بساز
Дили бечора ӣ ман бо ғами ишқат чаҳ кунад
دل بیچارهٔ من با غم عشقت چه کند
Чун кабӯтари натавонад ки кунад ҳамла ба боз
چون کبوتر نتواند که کند حمله به باز
Мурғи ҷони ман мискин ба ҳаводории ту
مرغ جان من مسکین به هواداری تو
Он тавонад ки кунад бар сари Кувайти парвоз
آن تواند که کند بر سر کویت پرواز
Вои пас ои ҷони гиромӣ ба танам то гӯйанд
وا پس آ جان گرامی به تنم تا گویند
Умр бигузашт вале ҷон ба ҷаҳон омад боз
عمر بگذشت ولی جان به جهان آمد باز