Сарвӣ ба хӯни дидаи бпрўрдмш ба ноз

سروی به خون دیده بپروردمش به ناز

Бардошт аз сари ман бечораи сояи боз

برداشت از سر من بیچاره سایه باز

Гуфтам чаро ту сояи зи мо баргирифта Эй

گفتم چرا تو سایه ز ما برگرفته‌ای

Гуфтои ту беш азин ба қади сарв мо наноз

گفتا تو بیش ازین به قد سرو ما نناز

Моием сар кашида бар авҷ фалак бибин

ماییم سر کشیده بر اوج فلک ببین

Дар оташи фироқ чу қалъии ту дар гудоз

در آتش فراق چو قلعی تو در گداز

Гуфтам ки ҳоли мо ки расонад ба гӯши ту

گفتم که حال ما که رساند به گوش تو

Ҷузи боди субҳдам ки буд ӯ маҳали роз

جز باد صبحدم که بود او محلّ راز

Гуяд ниёзмандии моро ба ҳазраташ

گوید نیازمندی ما را به حضرتش

Он длнўоз гарчи з мо ҳаст бе ниёз

آن دلنواز گرچه ز ما هست بی نیاز

Миҳроби абрӯии ту маро қибла диласт

محراب ابروی تو مرا قبله دلست

Ҳайрони манам ба рӯй ту пайваста дар намоз

حیران منم به روی تو پیوسته در نماز

Ҷонам ба лаб раседу ҷаҳонами з даст рафт

جانم به لب رسید و جهانم ز دست رفت

Охири зи васли хештанами чора Эй бисоз

آخر ز وصل خویشتنم چاره‌ای بساز

Шамшоди қомати ту ҳрони дидае ки дид

شمشاد قامت تو هرآن دیده‌ای که دید

Дигари назар чаро кунад охир ба сарви ноз

دیگر نظر چرا کند آخر به سرو ناز

Гунҷишки дил ба чаҳ пари марди ишқи тест

گنجشک دل به چه پر مرد عشق تست

Афтодаи бас ба доми ҳавои ту шоҳбоз

افتاده بس به دام هوای تو شاهباز