эй ки дили бардае зи дастами боз
ای که دل بردهای ز دستم باز
Ба чаҳ аз мо назар гирифтӣ боз
به چه از ما نظر گرفتی باز
Чаҳ кунам чун ба ҳазрати ту маро
چه کنم چون به حضرت تو مرا
Ҷуз сабо нест муҳаррами ин роз
جز صبا نیست محرم این راز
Кӣ кунад ҳоли зори мо арза
کی کند حال زار ما عرضه
Пеши дилдор ва зуд гардад боз
پیش دلدار و زود گردد باز
Ки дили ман кбўтристи забун
که دل من کبوتریست زبون
Дар ҳавои ғами ту эй шаҳбоз
در هوای غم تو ای شهباز
Тарки меҳр рахт наёрам кард
ترک مهر رخت نیارم کرد
Гар ниҳандам чу симу зар ба гудоз
گر نهندم چو سیم و زر به گداز
Давлати васлат аз худои талабам
دولت وصلت از خدا طلبم
эй ду чашми ҷаҳон ба панҷ намоз
ای دو چشم جهان به پنج نماز
Дар чамани қади ту чу бхромд
در چمن قدّ تو چو بخرامد
Ба чунин ҷилваи ҳеҷ сарв ба ноз
به چنین جلوه هیچ سرو به ناز
Сарви ҷонии гузари сӯй мо кун
سرو جانی گذر سوی ما کن
Ҳаст моро ба қомати ту ниёз
هست ما را به قامت تو نیاز
Ҷони мо бар лаб омад аз ғами ту
جان ما بر لب آمد از غم تو
Рост гӯям зи ҳади ббрдии ноз
راست گویم ز حد ببردی ناز