Чунон ба васли тавъам аз миёни ҷони муштоқ
چنان به وصل تواَم از میان جان مشتاق
Ки ҳаст мурдаи бечора бар равони муштоқ
که هست مردهٔ بیچاره بر روان مشتاق
Агарчӣ дӯст чунон нест бо ман мискин
اگرچه دوست چنان نیست با من مسکین
Ба васли дӯсти зи ҷону дилами ҳамон муштоқ
به وصل دوست ز جان و دلم همان مشتاق
Ба рӯй дӯст чаҳ гӯям чигуна муштоқам
به روی دوست چه گویم چگونه مشتاقم
Чунонкии булбул бедил ба гулистони муштоқ
چنانکه بلبل بی دل به گلستان مشتاق
Ман аз ҷаҳон ба ту муштоқам эй парии рухсор
من از جهان به تو مشتاقم ای پری رخسار
Вгрчаҳ нест туро дил ба дӯстони муштоқ
وگرچه نیست تو را دل به دوستان مشتاق
Манам ба ҷони ту ҷоно ки нест хотири ман
منم به جان تو جانا که نیست خاطر من
Ба ҳечкас биҷуз аз дӯст дар ҷаҳони муштоқ
به هیچکس بجز از دوست در جهان مشتاق
Висоли каъбаи мақсӯд ар иттифоқ уфтад
وصال کعبه مقصود ار اتّفاق افتد
Ба ҷон ту бадванд ба сари равони муштоқ
به جان تو بدواند به سر روان مشتاق