Хӯн ҷигар хӯрам ба ҷаҳон бо ғами фироқ
خون جگر خورم به جهان با غم فراق
Ҷонам ба лаб расед худоро зи иштиёқ
جانم به لب رسید خدا را ز اشتیاق
Гӯйӣ сабур бош ба ҳиҷрон бигӯ ки чанд
گویی صبور باش به هجران بگو که چند
Аз сабри талхи гашти зи ҳиҷрони марои мазоқ
از صبر تلخ گشت ز هجران مرا مذاق
Рӯзии магари ту шиддати ҳиҷрони надида Эй
روزی مگر تو شدّت هجران ندیدهای
Рӯзӣ мабод ҳеҷ касеро шаби фироқ
روزی مباد هیچ کسی را شب فراق
Мастем аз он ду наргиси махмури саркашат
مستیم از آن دو نرگس مخمور سرکشت
Ҷуфтем бо ғами ту аз он абрувони тоқ
جفتیم با غم تو از آن ابروان طاق
Ҷаври замонаро бикашам ё фироқи ёр
جور زمانه را بکشم یا فراق یار
Мушкил ки кардаанд кунун ҳар ду иттифоқ
مشکل، که کردهاند کنون هر دو اتّفاق
Доне ки иттифоқи дарин рӯзгор нест
دانی که اتّفاق درین روزگار نیست
Касро мабод ҳамдами айём бо нифоқ
کس را مباد همدم ایام با نفاق
Тоқат намонад беш ҷафоӣ замона ам
طاقت نماند بیش جفای زمانهام
То кӣ тавон кашид зи ноҷинси тумтароқ
تا کی توان کشید ز ناجنس طمطراق
Давлат агар қарину ҷаҳон гар шавад рафиқ
دولت اگر قرین و جهان گر شود رفیق
Харгаҳи занами фарози нуҳуми тоқи шаш равоқ
خرگه زنم فراز نُهُم طاقِ شش رواق