Дардӣ ки марост бар дили танг

دردی که مراست بر دل تنگ

Аз дасти ҷафои шоҳидии шнг

از دست جفای شاهدی شنگ

Охир ту бигӯ ки бо ки гӯям

آخر تو بگو که با که گویم

Ков ҳаст ҳамаи ҷафоу найранг

کاو هست همه جفا و نیرنگ

Як зарраи вафо ба дил надорад

یک ذره وفا به دل ندارد

Дорад длкии зи оҳану санг

دارد دلکی ز آهن و سنگ

Аз васл накард шодмонам

از وصل نکرد شادمانم

Ҳиҷронаши бабрад аз рухами ранг

هجرانش ببرد از رخم رنگ

Гар теғ занад зи дасту бозу

گر تیغ زند ز دست و بازو

Нагузошт зи доманаши дилами чанг

نگذاشت ز دامنش دلم چنگ

Ҷои ту дар андарун ҷонаст

جای تو در اندرون جانست

Гар даври шӯии ҳазор фарсанг

گر دور شوی هزار فرسنگ

Зин беш ҷафо макун ту бар мо

زین بیش جفا مکن تو بر ما

Бигзор ту ҷои сулҳ дар ҷанг

بگذار تو جای صلح در جنگ

Магузор ки оинаи ҷамолат

مگذار که آینه جمالت

Гирад зи шарори оҳи мо занг

گیرد ز شرار آه ما زنگ

Аз дасти ҷафои чархи ғаддор

از دست جفای چرخ غدّار

Ақсоӣ ҷаҳонаст бар дилами танг

اقصای جهانست بر دلم تنگ