Ман бо хату хол ӯ то онкӣ бибастам дил

من با خط و خال او تا آنکه ببستم دل

Он дилбар ҳар ҷое чун зулфи шикастами дил

آن دلبر هر جایی چون زلف شکستم دل

Бархест ба ҷаври мо он чашми сияҳи сархуш

برخاست به جور ما آن چشم سیه سرخوش

Дар зулфи сияҳи кораши фӣ улҳол бибастам дил

در زلف سیه کارش فی الحال ببستم دل

Аз хӯрдани ғам ҷоно омад ба даҳонами ҷон

از خوردن غم جانا آمد به دهانم جان

Бинавозам азин бози ор то чанд ба дастами дил

بنوازم ازین باز آر تا چند به دستم دل

Ҷони бархе рӯй ӯ кардем ва ба хори ҳиҷр

جان برخیِ روی او کردیم و به خار هجر

Он ёри ҷФопишаҳи охир ба чаҳ хстми дил

آن یار جفاپیشه آخر به چه خستم دل

Ман нестии худро дар ишқ ту ме донам

من نیستی خود را در عشق تو می‌دانم

Аз ғусса намедонам эй дӯст ки ҳастам дил

از غصّه نمی‌دانم ای دوست که هستم دل

Ҷустами шаби васлашро лекин нашудам рӯзӣ

جستم شب وصلش را لیکن نشدم روزی

Як лаҳзаи висол ӯ аз дасти нҷстми дил

یک لحظه وصال او از دست نجستم دل

Гуфтам бидиҳам дилро бар кори ҷаҳони борӣ

گفتم بدهم دل را بر کار جهان باری

Вони шӯх ба як шеваи брбўди зи дастами дил

وآن شوخ به یک شیوه بربود ز دستم دل