Мустағриқи баҳр ғам ишқем нигоро

مستغرق بحر غم عشقیم نگارا

Худ ҳол напурсӣ ки чаҳ шуд ғарқаи мо ро

خود حال نپرسی که چه شد غرقهٔ ما را

эй дӯст ба фарёди дили хастаи мо рас

ای دوست به فریاد دل خستهٔ ما رس

Бифирист навоеи ман бебаргу наво ро

بفرست نوایی من بی‌ برگ و نوا را

эй нури ду чашмам ба ғалати ваъда вафо кун

ای نور دو چشمم به غلط وعده وفا کن

То чанд таҳаммул битавон кард ҷафо ро

تا چند تحمّل بتوان کرد جفا را

Гӯйии ту ки аз дафтар айём бишустанд

گویی تو که از دفتر ایام بشستند

Дар аҳди ту эй ҷону ҷаҳони номи вафо ро

در عهد تو ای جان و جهان نام وفا را

Гар зонка туро майли ман хаста набошад

گر زانکه تو را میل من خسته نباشد

Аз лутф назар кун ба ман хастаи худо ро

از لطف نظر کن به من خسته خدا را

Болои ту боло натавон гуфт блоиист

بالای تو بالا نتوان گفت بلاییست

Ёрб ту бигардон зи дили халқи бало ро

یارب تو بگردان ز دل خلق بلا را

Султони ҷаҳонӣ ва ҷаҳонаст ба комат

سلطان جهانی و جهانست به کامت

Бинавоз замонии зи сари лутфи гадо ро

بنواز زمانی ز سر لطف گدا را