Ҳануз аз бодаи васли ту мастам
هنوز از بادهٔ وصل تو مستم
Ки мегирад ба ҷомии бози дастам
که میگیرد به جامی باز دستم
Чу чашми нотавонати нотавонам
چو چشم ناتوانت ناتوانم
Чу лаъл май парастат май пурситам
چو لعل مِیْ پرستت میپرستم
зи боди субҳдам ҳар дами паёмӣ
ز باد صبحدم هر دم پیامی
Ба назд ёри мишкӣн мӯ фиристам
به نزد یار مشکین مو فرستم
Ки аз буии сари зулфати нигоро
که از بوی سر زلفت نگارا
Ба сони оҳӯӣ тотор ҳастам
به سان آهوی تاتار هستم
зи по афтодаам аз дасти ҳиҷрон
ز پا افتادهام از دست هجران
Бигир охири зи васли хеши дастам
بگیر آخر ز وصل خویش دستم
Ман ошуфта ӣ бедил , дилу ҷон
منِ آشفتهٔ بی دل، دل و جان
Ба доми зулфу савдои ту бастам
به دام زلف و سودای تو بستم
Ба ҳиҷронами зи дидаи хӯни кушодӣ
به هجرانم ز دیده خون گشادی
Ба дом зулф кардӣ пои бастам
به دام زلف کردی پای بستم
Ба дил будам зи ғам бисёр борӣ
به دل بودم ز غم بسیار باری
Биҳамдиллоҳ каз он ғами бози рустам
بحمدالله کز آن غم باز رستم