То дил ба ғами рахти ниҳодам

تا دل به غم رخت نهادم

Аз дидаи ду ҷӯии хӯни кушодам

از دیده دو جوی خون گشادم

Номам чу кунанд мурғи зирак

نامم چو کنند مرغ زیرک

Дар доми ғамат аз он фитодам

در دام غمت از آن فتادم

Моро ки бсухт оташи ишқ

ما را که بسوخت آتش عشق

Чун хок бидодае ба бодам

چون خاک بداده‌ای به بادم

Ҷоно чаҳ кунам ки модари даҳр

جانا چه کنم که مادر دهر

Бо меҳри рахти магари бзодм

با مهر رخت مگر بزادم

Ту бо дгарӣ нишаста хуррам

تو با دگری نشسته خرّم

Ман бо ғам рӯй дӯсти шодам

من با غم روی دوست شادم

Чун нест марои зи васли ту ком

چون نیست مرا ز وصل تو کام

Ночор ба ҳиҷри дили ниҳодам

ناچار به هجر دل نهادم

Беёд ту нестам замонӣ

بی یاد تو نیستم زمانی

Як лаҳза намекунӣ ту ёдам

یک لحظه نمی‌کنی تو یادم

эй дӯсти ҷаҳон ва ҷон нахоҳам

ای دوست جهان و جان نخواهم

Чун аз ду ҷаҳони туе муродам

چون از دو جهان تویی مرادم