Офтоби рӯйиш аз машриқи баромади субҳдам
آفتاب رویش از مشرق برآمد صبحدم
Ҳасани моҳу муштарии ҳам бар сар омад субҳдам
حسن ماه و مشتری هم بر سر آمد صبحدم
Кас наме ёради нишон додан ки сарв ояд барам
کس نمییارد نشان دادن که سرو آید برم
Срўнози мо зи лутфаш дарбар омад субҳдам
سرو ناز ما ز لطفش در بر آمد صبحدم
Ман зи оби дида ҳар шаби боз ёрӣ карда ам
من ز آب دیده هر شب باز یاری کردهام
То гули бустони васлам дарбар омад субҳдам
تا گل بستان وصلم در بر آمد صبحدم
Дар шаби диҷўри ҳиҷрони нола аз ҷон ме кунам
در شب دیجور هجران ناله از جان میکُنم
Тонигорам ногаҳон аз дар даромад субҳдам
تا نگارم ناگهان از در درآمد صبحدم
Шукр он дорам ки ман парвонаам бар рӯй ту
شکر آن دارم که من پروانهام بر روی تو
Ҳамчуи шамъати умри душман охир омад субҳдам
همچو شمعت عمر دشمن آخر آمد صبحدم
Бандаи содиқи манам доне ки дар шабҳои ҳиҷр
بنده صادق منم دانی که در شبهای هجر
Лаби зи меҳрам хушк шуд чашмам тар омад субҳдам
لب ز مهرم خشک شد چشمم تر آمد صبحدم
Моҳи мҳроФрўзи ман сари барзад аз бурҷи ҷаҳон
ماه مهرافروز من سر برزد از برج جهان
Вази рух чун офтобаш анвар омад субҳдам
وز رخ چون آفتابش انور آمد صبحدم
Баҳри маънии дори ман то дркшм дар гӯш ӯ
بحر معنی دار من تا درکشم در گوش او
Ҳамчуи шамъӣ дар миён лангар омад субҳдам
همچو شمعی در میان لنگر آمد صبحدم