Хуши он ҳиҷрон ки аз доғи ҷудоӣ
خوش آن هجران که از داغ جدایی
Ба дилҳо гарм созад ошноӣ
به دلها گرم سازد آشنایی
Ба гармии шавқ муштоқон фазояд
به گرمی شوق مشتاقان فزاید
Пас онгаҳ рӯй дилдорони намояд
پس آنگه روی دلداران نماید
Ки ҷуз ташна надонад лиззати об
که جز تشنه نداند لذت آب
Ба бедории шиносии роҳати хоб
به بیداری شناسی راحت خواب
Кигар ҳиҷрон набошад рӯй чун бадар
که گر هجران نباشد روی چون بدر
Буд дар дидаи ушшоқ бе қадар
بود در دیده عشاق بیقدر
Нашуд каси ошиқи меҳри дили афрӯз
نشد کس عاشق مهر دلافروز
Ки бе миннати ҳамеи бенанди ҳаррӯз
که بیمنّت همیبینند هرروز
Ҷаҳонро ид зон шуд дидани моҳ
جهان را عید زان شد دیدن ماه
Ки пинҳон мешавад аз дидаи гуҳи гоҳ
که پنهان می شود از دیده گه گاه
Чу акнӯн шарҳи айём висол аст
چو اکنون شرح ایام وصال است
Ҳадиси ҳиҷри гуфтани пар малол аст
حدیث هجر گفتن پر ملال است
Чу васл омад нзибди қиссаи ҳиҷр
چو وصل آمد نزیبد قصهٔ هجر
Чароғи шом бе нураст дар фаҷр
چراغ شام بی نورست در فجر
Насиб ром шуд чун давлати васл
نصیب رام شد چون دولت وصل
Бадал шуд меҳнаташ бо роҳати васл
بدل شد محنتش با راحت وصل
Ғами дерини з дилҳо шуд фаромӯш
غم دیرین ز دلها شد فراموش
Нгнҷиднд ҳар як андари оғӯш
نگنجیدند هر یک اندر آغوش
Ду бедили синаҳо бар ҳам ниҳоданд
دو بیدل سینه ها بر هم نهادند
Ба доғи як дигар мар ҳам ниҳоданд
به داغ یک دگر مر هم نهادند
Ба шавқи икдгри андари буриши танг
به شوق یکدگر اندر برش تنگ
Казон шуд нарми ҷўни муми он дили танг
کزان شد نرم جون موم آن دل تنگ
Канори андари канору бӯс дар бӯс
کنار اندر کنار و بوس در بوس
Таманно кунад аз дили бехи афсӯс
تمنا کند از دل بیخ افسوس
Ба якдигари ду сарви нози моил
به یکدیگر دو سرو ناز مایل
Ба гардани дастҳо чун гули ҳамоил
به گردن دستها چون گل حمایل
Ба худяки ҷон ва икдл шуд ду дмсоз
به خودیک جان و یکدل شد دو دمساز
Намонда дар миёни гунҷоиши ноз
نمانده در میان گنجایش ناز
Муҳайёи айши хушро ҷумлаи асбоб
مهیا عیش خوش را جمله اسباب
Сапанд аз сӯхтанҳо гашт ноёб
سپند از سوختنها گشت نایاب
Ба ҳам бинишаста ду зону ба зону
به هم بنشسته دو زانو به زانو
Ба ҳам пайвастаи ду абрӯ ба абрӯ
به هم پیوسته دو ابرو به ابرو
Рабӯдии бӯса зон хандони лаби қанд
ربودی بوسه زان خندان لب قند
Ки ширинаст бӯси андари шикарханд
که شیرین است بوس اندر شکرخند
Ба савдо бӯса медод он гули андом
به سودا بوسه می داد آن گل اندام
Чу ҳиндӯи судро шукр диҳад вом
چو هندو سود را شکر دهد وام
Ба қасри андари зи баси бӯси шукри бор
به قصر اندر ز بس بوس شکر بار
Набот андӯда гашта бому девор
نبات اندوده گشته بام و دیوار
зи рангу буии он моҳи саман бар
ز رنگ و بوی آن ماه سمن بر
На пжмрдӣ ба бар гулҳои бистар
نه پژمردی به بر گلهای بستر
Ба шавқи меҳр рӯй он дили афрӯз
به شوق مهر روی آن دل افروز
ши кФтии ним шаби нилӯфари рӯз
ش کفتی نیم شب نیلوفر روز
Ҷамолу давлати дидор дар бар
جمال و دولت دیدار در بر
Ба гетӣ кам касеро шуд муяссар
به گیتی کم کسی را شد میسر
Касеро гар мес ри гашти ин завқ
کسی را گر میس ر گشت این ذوق
Фалаки гирд сараш гардад ба сад шавқ
فلک گرد سرش گردد به صد شوق
Зиҳии бахти ҷавони роми озод
زهی بخت جوان رام آزاد
Ки бо ҷонони худ , хуши зистии шод
که با جانان خود، خوش زیستی شاد
Ба завқ рӯйу мӯии он дили афрӯз
به ذوق روی و موی آن دل افروز
Ба ёдаши номадии Аслан шабу рӯз
به یادش نامدی اصلاً شب و روز
Парӣ шуд ҳомила чун ғунчаи гул
پری شد حامله چون غنچهٔ گل
Чу обистан ба шодии соғари мл
چو آبستن به شادی ساغر مل
Сеӣ сарвии зи тӯбои борвари гашт
سهی سروی ز طوبی بارور گشت
Каз оби зиндагонии риштатар гашт
کز آب زندگانی رشته تر گشت
зи файзи абри Нитсаоне дилхоҳ
ز فیض ابر نیسانی دلخواه
Садаф шуд гавҳари хуршедро моҳ
صدف شد گوهر خورشید را ماه