Чу моҳи ромро партав аён шуд

چو ماه رام را پرتو عیان شد

Ҳилоли иди моҳ осмон шуд

هلال عید ماه آسمان شد

Чу чашм доя дид он пораи нур

چو چشم دایه دید آن پارهٔ نور

Бишуста дар гулобу машку кофур

بشسته در گلاب و مشک و کافور

Ба сад ҷон ҷой кардаш маҳди заррин

به صد جان جای کردش مهد زرین

Даҳонаш аз шираи ҷони сохт ширин

دهانش از شیرهٔ جان ساخت شیرین

Падар аз дидан ӯ гашт хурсанд

پدر از دیدن او گشت خرسند

Дуо бар тарбияти афзуди сад чанд

دعا بر تربیت افزود صد چند

Бболидн илм шуд сарви нўхиз

ببالیدن علَم شد سرو نوخیز

Нёрстӣ бирав дидани назари тез

نیارستی برو دیدن نظر تیز

зи моҳи афзӯнии он рашки хуршед

ز ماه افزونی آن رشک خورشید

Ҳаме болид дар тани ҷони умед

همی بالید در تن جان امید

Ба Нитсаон гашти он хуршеди иқбол

به نیسان گشت آن خورشید اقبال

Чу моҳи чордаҳ дар чордаҳи сол

چو ماه چارده در چارده سال

Ба мактаб рафт илму дони ши омухт

به مکتب رفت علم و دان ش آموخت

Уторидро зи рашки хомаи дили сӯхт

عطارد را ز رشک خامه دل سوخت

Силаҳи ҷанги як як ёд ме кард

سلاح جنگ یک یک یاد می کرد

Ба тир андохтани дил шод ме кард

به تیر انداختن دل شاد می کرد

Ба андаки муддати он Тифли ҷўондл

به اندک مدت آن طفل جواندل

Чаҳ як фаннӣ , ба ҳар фани гашти комил

چه یک فنی، به هر فن گشت کامل

Чу ҷсртро дил аз авлод шуд шод

چو جسرت را دل از اولاد شد شاد

Ба ҷо оварад шукри ҳақи зи авлод

به جا آورد شکرِ حق ز اولاد

Ба коми бахти фориғ бол бинишаст

به کام بخت فارغ بال بنشست

Ба тахти ҷам ба сад иқбол бинишаст

به تخت جم به صد اقبال بنشست