Чу қасд ғусл кард он сарви гулранг

چو قصد غسل کرد آن سرو گلرنگ

Ба об зиндагӣ шуд ошнои гунг

به آب زندگی شد آشنا گنگ

Канор об рафт он рашки маҳтоб

کنار آب رفت آن رشک مهتاب

Фиканд аз соя , оташ дар дили об

فکند از سایه، آتش در دل آب

Кашид аз бар паранд заъфаронӣ

کشید از بر پرند زعفرانی

Бурун омад ма аз абри каттонӣ

برون آمد مه از ابر کتانی

зи моҳаши оби пул бар ид бишикаст

ز ماهش آب پل بر عید بشکست

Ҳубобаши қуббаҳои ид май баст

حبابش قبه های عید می بست

Намӯд аз партави он шамъи кофур

نمود از پرتوِ آن شمع کافور

Чу аз акси обгинаи оби пари нур

چو از عکس آبگینه آب پر نور

зи акси хеши маи зи ойӣнаи об

ز عکس خویش مه ز آیینۀ آب

Чу моҳӣ шуд зи ишқи оби битоб

چو ماهی شد ز عشق آب بیتاب

Ба об аз шавқ дар шуд масту мадҳуш

به آب از شوق در شد مست و مدهوش

Ки акси хешро гирад дар оғӯш

که عکس خویش را گیرد در آغوش

Ба гирд ӯ ба ҷон гирдоб гардид

به گرد او به جان گرداب گردید

зи шодии мавҷи андар худ нагунҷ яд

ز شادی موج اندر خود نگنج ید

зи шодии пой худ карда фаромӯш

ز شادی پای خود کرده فراموش

зи бӯси пой ӯ рафт об аз ҳуш

ز بوس پای او رفت آب از هوش

Чу моҳӣ шуд дар оби он моҳи дилкаш

چو ماهی شد در آب آن ماه دلکش

Брстшрогару баради оби зотш

برستش را گر و برد آب زآتش

Чу ҷӯии боғ менав шуд зи ти أсир

چو جوی باغ می نو شد ز ت أثیر

Ҳамаи оби ангабину бодау шер

همه آب انگبین و باده و شیر

Ба завқи пои бӯси он парии чеҳр

به ذوق پای بوسِ آن پری چهر

Равони об аз даҳони чашмаи меҳр

روان آب از دهانِ چشمۀ مهر

зи об рӯй худ дод обро об

ز آب روی خود داد آب را آب

Ҳануз он обрӯи боқии сет бо об

هنوز آن آبرو باقی ست با آب

Аз он софии бадани гашти об чун дар

از آن صافی بدن گشت آب چون در

Саропои ҳамчу дар зон об шуд пар

سراپا همچو در زان آب شد پر

Чу гули шастаи зи шабнами оби рӯ ро

چو گل شسته ز شبنم آبِ رو را

Ба рӯй оби афзуди обрӯ ро

به روی آب افزود آبرو را

Сафо шуд ҷони гунг аз ғусли он рӯ

صفا شد جان گنگ از غسل آن رو

Баҳоласт об ӯ зон тирагии шӯ

بحالست آب او زان تیرگی شو

Ба буии он насими нави баҳорӣ

به بوی آن نسیم نو بهاری

Ҳалок бозгаштани оби ҷорӣ

هلاک بازگشتن آب جاری

Чу ҷо дар об кард он роҳи ти ҷон

چو جا در آب کرد آن راح ت جان

зи рашки гунг ҷон дод оби ҳайвон

ز رشک گنگ جان داد آبِ حیوان

Садафи гавҳари нисори лаъл ӯ сохт

صدف گوهر نثارِ لعل او ساخت

Ба фарқи мӯши моҳии анбари андохт

به فرق موش ماهی عنبر انداخت

Ба оби он моҳрӯ , чун ҷилва нав кард

به آب آن ماهرو، چون جلوه نو کرد

Дили нилӯфар аз хуршед шуд сард

دل نیلوفر از خورشید شد سرد

Агар гунг аз биҳишти аввал бадар шуд

اگر گنگ از بهشت اول بدر شد

Биҳишти сонии андари гунг дар шуд

بهشت ثانی اندر گنگ در شد

Чу бар сари рехтии оби он бути маст

چو بر سر ریختی آب آن بت مست

зи дасташи об хам мерафт аз даст

ز دستش آب خم می رفت از دست

Чу баъд аз ғусли по аз об бар зад

چو بعد از غسل پا از آب بر زد

Ниҳоли оташин аз об сар зад

نهال آتشین از آب سر زد

Бурун шуд чун зи оби он нозанини ҳур

برون شد چون ز آب آن نازنین حور

Илм зад ҷӯшаши фаввораи нави р

علم زد جوشش فوارهٔ نو ر

Қавӣ шуд қавлҳои ҳинди моно

قوی شد قول های هند مانا

Ки моҳ омад бурун бе шаки зи дарё

که ماه آمد برون بی شک ز دریا

Ба рафтан шуъла зад оби равон ро

به رفتن شعله زد آبِ روان را

Ватан оташкада шуд моҳён ро

وطن آتشکده شد ماهیان را

Ба оби андар шуда бе тоби моҳӣ

به آب اندر شده بی تاب ماهی

Тпидаҳи об чун бе оби моҳӣ

طپیده آب چون بی آب ماهی

Шуд он билқиси нозони сӯии ҷамшед

شد آن بلقیس نازان سوی جمشید

зи бурҷ об шуд таҳвили хуршед

ز برج آب شد تحویل خورشید

Чу дидаи ром рӯй он санам ро

چو دیده رام روی آن صنم را

Фромш кард он деринаи ғам ро

فرامش کرد آن دیرینه غم را

Равон шуд роми зонҷо бо дили риш

روان شد رام زآنجا با دلِ ریش

зи сарҳади падари даҳ рӯзаи раҳ беш

ز سرحد پدر ده روزه ره بیش

Ба саҳрои гоҳи чтркўт ҷо кард

به صحرا گاه چترّکوت جا کرد

Ъбодтхонаҳ эй аз хас банно кард

عبادتخانه ای از خس بنا کرد

Ба ёди ҳақ дар онҷо шодмон шуд

به یاد حق در آنجا شادمان شد

Ба тоъати пешвоӣ зоҳидӣ шуд

به طاعت پیشوای زاهدان شد