Чу сайёҳон ба азми ҷои дигар
چو سیاحان به عزم جای دیگر
Санами ҳамраҳ равон шуд бо бародар
صنم همره روان شد با برادر
Ба ҳар саҳроу кӯҳу дашту водӣ
به هر صحرا و کوه و دشت و وادی
Шудӣ машғӯли сайри номи родӣ
شدی مشغول سیر نام رادی
Ба тарки давлат аз дилдори дилхуш
به ترک دولت از دلدار دلخوش
Чу аз давлат шавад меҳнати Фромш
چو از دولت شود محنت فرامش
Ба рӯй дӯст бар ҷои роҳи паймӯд
به روی دوست بر جا راه پیمود
Нигоҳаши мурғи гулзори Ирам буд
نگاهش مرغ گلزار ارم بود
Дилаши ҷамъ аз парешонеу андӯҳ
دلش جمع از پریشانی و اندوه
з беобӣ бару сахтии кӯҳ
ز بی آبی برّ و سختی کوه
Ба ҳар водӣ ки будӣ об ноёб
به هر وادی که بودی آب نایاب
Ба лаъли нӯши хндш буд сероб
به لعل نوش خندش بود سیراب
зи кӯҳи сахт зон рӯ ғам наме хӯрд
ز کوه سخت زان رو غم نمی خورد
Таҷаллии худои ҳамроҳ май барад
تجلی خدا همراه می برد
зи бас зон гули шигифти он мурғи озод
ز بس زان گل شگفت آن مرغ آزاد
Ба хобаши подшоҳии номадии ёд
به خوابش پادشاهی نامدی یاد
Чунон рафтӣ ба ҷонони шоди хандон
چنان رفتی به جانان شاد خندان
Ки ҳангоми халосии аҳли зиндон
که هنگام خلاصی اهل زندان
Ба завқи як нигоҳи он парии рӯ
به ذوق یک نگاه آن پری رو
Фидо кардӣ ҳазорон боғи минӯ
فدا کردی هزاران باغ مینو
Ба ҳар гомии зи саҳрои сад чаман кошт
به هر گامی ز صحرا صد چمن کاشت
Гулистони равони ҳамроҳ худ дошт
گلستان روان همراه خود داشت
Ба кӯҳ аз сояи он сарви гулранг
به کوه از سایۀ آن سرو گلرنگ
Ба лаъл оташӣ шуд чун зи хури санг
به لعل آتشی شد چون ز خور سنگ
Ба ҳар хорӣ ки он гулранг бигузашт
به هر خاری که آن گلرنگ بگذشت
Чу нахли хушки Марями борвари гашт
چو نخل خشک مریم بارور گشت
Ғизол машк шуд оҳӯи зи бӯяш
غزال مشک شد آهو ز بویش
Ки сад чин дошт ҳар як тори мӯяш
که صد چین داشت هر یک تار مویش
Ба ҳайрат монад зу Кебекон дар он роҳ
به حیرت ماند زو کبکان در آن راه
Ки дар домон гирд афтод чун моҳ
که در دامان گرد افتاد چون ماه
Миёни рому лчмни ҷои сито
میان رام و لچمن جای سیتا
Чу гул карда миёни рангу бӯи ҷо
چو گل کرده میان رنگ و بو جا
Равони рому бародар чун бо гунг
روان رام و برادر چون با گنگ
Миён ҳар ду ситои срстии ранг
میان هر دو سیتا سرستی رنگ
Чу лаъли суфтаи мобайни ду гавҳар
چو لعل سفته مابین دو گوهر
Чу моҳи толеъ аз бурҷи ду пайкар
چو ماه طالع از برج دو پیکر
Мааши тобони мёи Ни рому лчмн
مهش تابان میا ن رام و لچمن
Чу ҳақӣ каз ду шоҳид гашта равшан
چو حقی کز دو شاهد گشته روشن
Тамошоҳои саҳрои дидаи дида
تماشاهای صحرا دیده دیده
Ба ҷои отраҳи обиди расида
به جای آتره عابد رسیده
Такаллуф бар тараф бар х ваон зоҳид
تکلف بر طرف بر خ وان زاهد
Ба шаҳд ва мива шуд меҳмони зоҳид
به شهد و میوه شد مهمان زاهد
Занашро низ кард онҷои зиёрат
زنش را نیز کرد آنجا زیارت
Ки сесад қарни кораш буд тоъат
که سیصد قرن کارش بود طاعت
Зани зоҳид ба расми миҳмонӣ
زن زاهد به رسم میهمانی
Ба сито кард бе ҳади меҳрбонӣ
به سیتا کرد بی حد مهربانی
Пас аз лутфу карам бо он гули андом
پس از لطف و کرم با آن گل اندام
Насиҳат кард баҳри хизмати ром
نصیحت کرد بهر خدمت رام
Чаҳ мардона мисл зад он мисли зан
چه مردانه مثل زد آن مثل زن
Ки дилҷӯе шӯйаст тоъати зан
که دلجوییِ شوی است طاعت زن
Басӣ пурсед сарви симтн ро
بسی پرسید سرو سیمتن را
Ситоиш кард ва гуфт он ҳури зан ро
ستایش کرد و گفت آن حور زن را
Туе андари занон чун моҳ бе айб
تویی اندر زنان چون ماه بی عیب
Азон кардам дуо каз олами ғайб
ازان کردم دعا کز عالم غیب
Биҳиштии ҳалаҳои кисвати ҳур
بهشتی حله های کسوت حور
Муаттар чун гули андари машку кофур
معطر چون گل اندر مشک و کافور
Мурассаъи зевар ӣ лўлўии лоло
مرصع زیور ی لولوی لالا
Барои ту фурӯд ояд зи боло
برای تو فرود آید ز بالا
Смнбр бо тавозуъ кард дар бар
سمنبر با تواضع کرد در بر
Либоси фахриу анвоъи зевар
لباس فاخر و انواع زیور
Магар аз бскаҳ буд он ма ба иффат
مگر از بسکه بود آن مه به عفت
Ба дод исматаш , ҳақ дод халъат
به داد عصمتش، حق داد خلعت
Нагунҷед азтрб чун ғунча дар пӯст
نگنجید ازطرب چون غنچه در پوست
Ба хӯбии ҷилва гар шуд дар бар дӯст
به خوبی جلوه گر شد در بر دوست
Фаровони шодмонӣ ҳо намуданд
فراوان شادمانی ها نمودند
Ба ҳасану ишқи худ ҳар як фузуданд
به حسن و عشق خود هر یک فزودند
Ҳамонҷои шаб ба ҷонон буд дмсоз
همانجا شب به جانان بود دمساز
Саҳар гуҳ кард оҳанги сафари боз
سحر گه کرد آهنگ سفر باز
зи завқи сайр бо ёри дили афрӯз
ز ذوق سیر با یار دل افروز
намемонадӣ чу маи якҷои шабу рӯз
نمی ماندی چو مه یکجا شب و روز
Ҳамоно дошт зонрўи лиззати сайр
همانا داشت زانرو لذت سیر
Ки ёри хешро медид бо ғайр
که یار خویش را می دید با غیر
Чу хуршеди он ҷавонмарди ҷаҳонгард
چو خورشید آن جوانمرد جهانگرد
Видоъи ҳиммат аз ёрон талаб кард
وداع همت از یاران طلب کرد
Дар он саҳрои шкороФкни шабу рӯз
در آن صحرا شکارافکن شب و روز
Гавазну шеру гӯру оҳӯу юз
گوزن و شیر و گور و آهو و یوز
Ҳаме рафтӣ ба манзил чанд фарсанг
همی رفتی به منزل چند فرسنگ
Ҷаҳон зу бар палангу аждаҳои танг
جهان زو بر پلنگ و اژدها تنگ
зи саҳмаш аз ватан ҳар сӯи гурезон
ز سهمش از وطن هر سو گریزان
Гавазнони ашки зҳролўдаҳи резон
گوزنان اشک زهرآلوده ریزان
Ҳужабр аз бими тираш бо дили риш
هژبر از بیمِ تیرش با دل ریش
Ба коми хеши барадии сблти хеш
به کام خویش بردی سبلت خویش
Ғизоли серумаи чашми андари биёбон
غزال سرمه چشم اندر بیابان
Ба гирди худ з тираш ёфт мижгон
به گرد خود ز تیرش یافت مژگان
Санами як рӯз бо сарви сари афроз
صنم یک روز با سروِ سر افراز
зи дилсӯзӣ насиҳат кард оғоз
ز دلسوزی نصیحت کرد آغاز
Ки танг омад зи сайдати мурғу моҳӣ
که تنگ آمد ز صیدت مرغ و ماهی
Ба дарвешии нзибди кори шоҳӣ
به درویشی نزیبد کار شاهی
Чаҳ боис шуд туро бар шеваи сайд
چه باعث شد ترا بر شیوهٔ صید
Ки саргардони ҳамеи гардӣ ва беқайд ?
که سرگردان همی گردی و بی قید؟
Шикор аз ҳади фузун , созад сияҳи дил
شکار از حد فزون، سازد سیه دل
Ки ҳаст аз хӯни ноҳақи ғайри ҳосил
که هست از خون ناحق غیر حاصل
Макун бар гӯру оҳӯи трктозӣ
مکن بر گور و آهو ترکتازی
Ба ҷони дигарон то чанд бозӣ ?
به جان دیگران تا چند بازی؟
Забон бикшод ширини луқмаи шӯр
زبان بگشاد شیرین لقمۀ شور
Макун бар бе забонони ин қадари зӯр
مکن بر بی زبانان این قدر زور
Мҷуи озори кас , кин саҳл кор аст
مجو آزار کس، کاین سهل کار است
Кам озорӣ , ризоӣ кирдигор аст
کم آزاری، رضای کردگار است
Санамро дод посухи сарви озод
صنم را داد پاسخ سروِ آزاد
Ки сайди доми зулфати ҷони ман бод
که صید دام زلفت جان من باد
МФрмои манъи сайдам то туоне
مفرما منع صیدم تا توانی
Ки тақрйви шикор ман ндонӣ
که تقریبِ شکار من ندانی
Маро дар зимн он кораст бисёр
مرا در ضمنِ آن کارست بسیار
Вагар на нестам розӣ ба озор
وگر نه نیستم راضی به آزار
Ки мекарданд девони қасди ҷон ро
که می کردند دیوان قصد جان را
Ба шакли ваҳшу тайри ин зоҳидӣ ро
به شکل وحش و طیر این زاهدان را
Ман аз баҳри нигаҳбонии ин ҷамъ
من از بهر نگهبانی این جمع
Занами ин ваҳшёнро тир бе тамаъ
زنم این وحشیان را تیر بی طمع
Парӣ дод офарин бар нуктаи доне
پری داد آفرین بر نکته دانی
Лабаш бӯсед зон ширини забонӣ
لبش بوسید زان شیرین زبانی